आज इलेक्ट्रिक कारों की जरूरत है

‘इलेक्ट्रिक कारें नहीं बनायी तो कंपनियां भुगतेंगी’ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की इस चेतावनी को ऑटोमोबाइल कंपनियां कितनी गंभीरता से लेती हैं, यह तो समय बतायेगा. कंपनियां उस निर्माण की दिशा में काम कर रही हैं या टालमटोल कर रही है, सरकार को ध्यान रखना होगा. आज प्रदूषण की रफ्तार इतनी तेज है कि उससे […]

‘इलेक्ट्रिक कारें नहीं बनायी तो कंपनियां भुगतेंगी’ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की इस चेतावनी को ऑटोमोबाइल कंपनियां कितनी गंभीरता से लेती हैं, यह तो समय बतायेगा. कंपनियां उस निर्माण की दिशा में काम कर रही हैं या टालमटोल कर रही है, सरकार को ध्यान रखना होगा.
आज प्रदूषण की रफ्तार इतनी तेज है कि उससे निपटने के लिए उसी गति से प्रयास करना ही ‘जीवन’ बन गया है. इसलिए पेट्रोल-डीजल कारों को बंद करने के लिए अभी से ही काम में जुट जाना जरूरी है. नये विकल्प उपलब्ध नहीं हुए, तो वायु प्रदूषण की समस्या जानलेवा तो बन ही जायेगी, साथ ही उसपर नियंत्रण असंभव हो जायेगा. लोग तो अभी से घुटन महसूस कर रहे हैं. प्रदूषण कितना खतरनाक है यह जानने के बावजूद भी उस की परीक्षा क्यों लें?
जयेश राणे, मुंबई, इमेल से

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