आधार का विरोध करने वाले क्या चाहते हैं कि उन्हें देश को लूटने और भ्रष्टाचार करने की खुली छूट दे दी जाये और सरकार के पास उन्हें पहचानने और पकड़ने की कोई उचित व्यवस्था न हो. अगर हमारे मन में चोर नहीं है, तो हमें आधार से डरने की भी जरूरत नहीं होनी चाहिए.
आधार प्रौद्योगिकी का ऐसा वरदान है जिससे भ्रष्टाचार 99.99 फीसदी खत्म हो सकता है. आधार के रास्ते में अगर संविधान के नियम आड़े आ रहा है, तो सरकार को निर्भीक होकर संविधान में संशोधन करना चाहिए. अगर सरकार इसमें चूकती है, तो वह देश का भाग्य बदलने का एक सुनहरा अवसर खो देगी. अगर किसी कारण आधार की अनिवार्यता खत्म होती है, तो यह आम जनता के विरुद्ध होगा.
संजीव कुमार पांडे, कांके, रांची
