ईमानदारी की परिणाम

जिस तरह से दो ईमानदार सीबीआई अफसरों ने अपनी ईमानदारी का परिचय दिया है, वह काबिले तारीफ है. अपनी ईमानदारी के बल पर उन्होंने राम रहीम जैसे गुनहगार बाबा को सलाखों के पीछे भेज दिया. इसमें उन पांच ईमानदार वकीलों की भी तारीफ करनी होगी, जिन्होंने लगातार 15 वर्षों तक बिना फीस लिए उन साध्वियों […]

जिस तरह से दो ईमानदार सीबीआई अफसरों ने अपनी ईमानदारी का परिचय दिया है, वह काबिले तारीफ है. अपनी ईमानदारी के बल पर उन्होंने राम रहीम जैसे गुनहगार बाबा को सलाखों के पीछे भेज दिया.
इसमें उन पांच ईमानदार वकीलों की भी तारीफ करनी होगी, जिन्होंने लगातार 15 वर्षों तक बिना फीस लिए उन साध्वियों की तरफ से लड़ते रहे और इसे मंजिल तक पहुंचाया. इसी तरह अगर हमारे झारखंड के अफसर भी पूरी ईमानदारी एवं बिना किसी दबाव के काम करें, तो हमारा झारखंड भी उन अग्रणी राज्यों में शामिल हो जायेगा, जहां पर कोई गलत करने से डरेगा, चाहे वह कोई बाबा हो या अापराधिक प्रवृत्ति वाला व्यक्ति. ऐसे लोगों में कानून का खौफ होना ही चाहिए.
जय कुमार मुंडा, बोकारो

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