संकट में जीवन-रेखा

मुजफ्फरनगर रेल हादसे ने एक बार फिर भारतीय रेल में सुरक्षित यात्रा पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है. प्रारंभिक स्तर पर इसे रेल कर्मचारियों की लापरवाही से जोड़ कर देखा जा रहा है, लेकिन कोई भी रेल कर्मचारी कभी यह नहीं चाहता कि उसकी वजह से कभी किसी रेल यात्री को किसी प्रकार का कष्ट हो. […]

मुजफ्फरनगर रेल हादसे ने एक बार फिर भारतीय रेल में सुरक्षित यात्रा पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है. प्रारंभिक स्तर पर इसे रेल कर्मचारियों की लापरवाही से जोड़ कर देखा जा रहा है, लेकिन कोई भी रेल कर्मचारी कभी यह नहीं चाहता कि उसकी वजह से कभी किसी रेल यात्री को किसी प्रकार का कष्ट हो. रेल सुरक्षा से जुड़े करीब दो लाख पदों पर भर्ती रुकी हुई है.
एक अनुमान के मुताबिक 2021 तक एक-चौथाई रेल कर्मचारी सेवानिवृत हो जाएंगे, मगर उनकी जगह अगर कोई नयी नियुक्ति नहीं होती है, तो आप सोच सकते हैं कि आगे चलकर भारतीय रेलवे की स्थिति और कैसी होगी.
गौरव कुमार, बोचाही, मुंगेर

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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