साहिबगंज में भीड़ ने चोटीकटवा के नाम पर एक महिला व बच्चे को बुरी तरह से पिटाई की, जिसमें महिला की मौत हो गयी. इससे साफ है कि हमारी संस्कृति व सामाजिक चेतना मर चुकी है. भीड़ द्वारा दुष्प्रचार के द्वारा हत्याओं की सिलसिला अबतक जारी है. झारखंड में इस तरह की घटनाएं बड़ी तेजी से फैल रही हैं.
इसके लिए कहीं न कहीं पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली व ढुलमुल रवैया का पता चलता है. अगर समय रहते पुलिस प्रशासन ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो आम जनता का भरोसा सिस्टम से पूरी तरह टूट जायेगा. और अगर आमलोगों का विश्वास टूटा तो फिर देश के लिए बहुत ही घातक साबित होगा.
अजय पटेल, इमेल से
