हादसा, लापरवाही या साजिश

गोरखपुर में हुए हादसे पर विभिन्न राजनीतिक पार्टियां बयानबाजी कर रही हैं. कोई इसे हादसा करार दे रहा है, तो कोई साजिश. कोई कुछ भी कह ले पर जिन लोगों ने अपने बच्चे खोये हैं, उन्हें कोई कुछ समझा नहीं सकता. वे इसे काफी हद तक अस्पताल प्रशासन की लापरवाही ही मानते हैं. इस घटना […]

गोरखपुर में हुए हादसे पर विभिन्न राजनीतिक पार्टियां बयानबाजी कर रही हैं. कोई इसे हादसा करार दे रहा है, तो कोई साजिश. कोई कुछ भी कह ले पर जिन लोगों ने अपने बच्चे खोये हैं, उन्हें कोई कुछ समझा नहीं सकता. वे इसे काफी हद तक अस्पताल प्रशासन की लापरवाही ही मानते हैं.
इस घटना ने भारत में स्वास्थ्य सुविधाओं और अस्पतालों की कलई खोल कर रख दी है. इस घटना ने अस्पतालों का कच्चा चिठ्ठा खोल कर रख दिया. वह भी स्वतंत्रता दिवस के ठीक पहले. ऐसे स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ एक विकसित राष्ट्र बनने का सपना देखना दूर की कौड़ी है. सरकार को चाहिए कि बयानबाजी से दूर रहकर जवाबदेही तय करे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे.
सीमा साही, बोकारो

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >