धर्मांतरण बिल जरूरी क्यों

रघुवर सरकार ने हाल ही में धर्मांतरण बिल पास कर लिया है और दलील दी गयी कि इससे धर्मांतरण पर रोक लगेगी.इस बिल को लाकर सरकार ने ईसाई धर्मावलंबियों को निशाने पर लिया है, क्योंकि सबसे ज्यादा धर्मांतरण का आरोप इन्हीं पर लगाया गया है. मेरा मानना है कि जिन्हें ईसाई धर्म पर अापत्ति है, […]

रघुवर सरकार ने हाल ही में धर्मांतरण बिल पास कर लिया है और दलील दी गयी कि इससे धर्मांतरण पर रोक लगेगी.इस बिल को लाकर सरकार ने ईसाई धर्मावलंबियों को निशाने पर लिया है, क्योंकि सबसे ज्यादा धर्मांतरण का आरोप इन्हीं पर लगाया गया है. मेरा मानना है कि जिन्हें ईसाई धर्म पर अापत्ति है, वे सर्वप्रथम ईसाई शिक्षण संस्थानों और ईसाई संस्थानों से संचालित सेवाओं का लाभ न लें.
अगर सरकार विदेशी निवेश से लेकर ईसाई संस्थानों का लाभ जनता को देती है, तो दिखावे का बिल क्यों? जिस उद्देश्य से सरकार ने यह बिल लाया है, उससे कई धर्मावलंबी प्रभावित होंगे. धर्म तो आस्था और विश्वास का प्रतीक है, पर राजनीतिक दलों ने इसे वोट पाने का जरिया बना लिया है.
अनमोल रंजन, रांची.

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