केंद्र सरकार भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों के खिलाफ 15 अगस्त के बाद बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है. कार्मिक मंत्रालय जरूरी ब्योरा एकत्र कर रहा है. भ्रष्टाचार के कारण पूरी व्यवस्था चौपट हो गयी है. और भ्रष्ट सरकारी बाबू जनता का शोषण कर के खुद आराम से जिंदगी गुजार रहे है.
उन सभी पर कार्रवाई होने से ही जनता को सुकून मिल सकता है. कम काम और ज्यादा पैसा मतलब सरकारी नौकरी वाले सोच को सुधारना है, तो भ्रष्ट सरकारी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई में नरमी नहीं दिखानी चाहिए. देश को आजाद हुए 70 साल हो गये हैं, किंतु भ्रष्टाचार से आजादी नहीं मिल पायी है. सरकार के इस संकल्प से बहुत आशा है कि भ्रष्टों पर कड़ी व प्रभावी कार्रवाई होगी.
अमित पडियार, इमेल से
