कश्मीरी पंडितों को न्याय कब मिलेगा ?

कश्मीरी पंडितों के नरसंहार की नये सिरे से जांच कराने और मुकदमा चलाने की मांग सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी. उनपर हुए अत्याचारों की जांच करने के लिए वर्ष 2017 में मांग होना हमारा दुर्भाग्य है. देश के सब से बड़े नरसंहार की जांच समय पर नहीं की गयी और ना ही उस विषय […]

कश्मीरी पंडितों के नरसंहार की नये सिरे से जांच कराने और मुकदमा चलाने की मांग सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी. उनपर हुए अत्याचारों की जांच करने के लिए वर्ष 2017 में मांग होना हमारा दुर्भाग्य है.
देश के सब से बड़े नरसंहार की जांच समय पर नहीं की गयी और ना ही उस विषय में दिलचस्पी दिखायी गयी. इसी कारण 700 पंडितों की हत्याओं में 200 से ज्यादा केस दर्ज होने पर भी उसका नतीजा नहीं निकला. इसको कभी भी गंभीरता से नहीं लिया गया. कश्मीर में पंडित होते, तो आज कश्मीर जलता हुआ नजर नहीं आता. कश्मीर की ताजा स्थिति के लिए वही दोषी हैं, जिन्होंने पंडितों पर हुए अत्याचार की तरफ अनदेखी की. उन्हीं के कारण आज पत्थरबाजों ने वहां की शांति को ही खत्म कर दिया है.
वैजयंती सूर्यवंशी, इमेल से

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