आमदनी बढ़ाने का इससे बेहतर नुस्खा और क्या हो सकता है कि आप यात्री को उसके गंतव्य पर जल्दी पहुंचाने का वादा करके कुछ अतिरिक्त रकम सरचार्ज के रूप में वसूलें और आपका यह वादा चाहे रोज टूटे, लेकिन आपकी आमदनी लगातार बढ़ती जाये! बात अटपटी भले लगे, पर यातायात के सबसे भरोसेमंद और बड़े तंत्र भारतीय रेलवे की हाल-फिलहाल की कमाई का नुस्खा ऐसा ही है.
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट बताती है कि उत्तर मध्य रेलवे और दक्षिण मध्य रेलवे ने 11 करोड़ से कुछ ज्यादा रकम सुपरफास्ट ट्रेन पर लगनेवाले सरचार्ज के रूप में वसूला, परंतु 95 फीसदी मामलों में ये कथित सुपरफास्ट ट्रेनें गंतव्य पर देरी से पहुंचीं.
रेल महकमा यह कह कर अपना पल्ला झाड़ सकता है कि यात्रियों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का उसका कोई इरादा नहीं है. विधान यह है कि अगर कोई ट्रेन आपके प्रस्थान वाले स्टेशन पर तीन घंटे या इससे ज्यादा देरी से पहुंचे, तो आप अपने स्टेशन से इस ट्रेन के गुजरने से पहले टिकट वापस कर पैसा हासिल कर सकते हैं. लेकिन यह विधान व्यावहारिक नहीं है. यात्री देरी की हालत में टिकट रद्द करा तो ले, पर अपने गंतव्य पर वक्त रहते पहुंचे कैसे? दूसरे, टिकट रद्द कराने की सूरत में भी रेलवे उससे हर्जाने के तौर पर कुछ रकम वसूल लेती है.
जून के आखिर में खबर आयी थी कि वित्तवर्ष 2016-17 के दौरान आरक्षित श्रेणी के टिकट रद्द करने के एवज में भारतीय रेलवे ने 14 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम कमायी जो कि 2015-16 की तुलना में 25.29 फीसदी ज्यादा थी. बेशक ट्रेन के देरी से चलने पर यात्री के पास टिकट रद्द का विकल्प है, पर यह विकल्प तभी सार्थक कहा जा सकेगा, जब देरी अपवाद की स्थिति हो, न कि रोजमर्रा की मुश्किल. फिलहाल हालत यह है कि राजधानी और शताब्दी जैसी गाड़ियां भी अक्सर देर से चल रही हैं.
मई के आंकड़ों के आधार पर एक खबर में कहा गया था कि देश के उत्तरी हिस्से से पूरब यानी उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल जानेवाली कुल 19,450 ट्रेनों में 11,600 यानी लगभग 60 फीसदी गाड़ियां एक से 30 मई के बीच अपने गंतव्य पर कई घंटों की देरी से पहुंची और देरी की वजहें ऐसी थीं, जिनसे बहुत आसानी बचा जा सकता था.
सीएजी की रिपोर्ट में खान-पान और साफ-सफाई की बेहद खराब स्थिति का भी जिक्र है. उम्मीद की जानी चाहिए कि भारतीय रेलवे के कर्ता-धर्ता सिर्फ कमाई बढ़ाने पर ही नहीं, यात्रियों की जरूरत और सेवा की गुणवत्ता के कोण से भी विचार करेंगे.
