खेल उत्पादों पर जीएसटी की उच्च दर तर्कसंगत नहीं

जीएसटी लागू होने से पूर्व खेल उत्पादों पर करों की दर अपेक्षाकृत कम थी. ज्यादातर खेल सामग्री पंजाब के जालंधर और उत्तर प्रदेश के मेरठ शहरों में बनती है. यूपी में खेल उत्पाद टैक्स फ्री थे, जबकि पंजाब में इन पर दो प्रतिशत सीएसटी और 5.5 प्रतिशत वैट लगता था. अधिकतर खेल उत्पाद निर्माता इकाइयां […]

जीएसटी लागू होने से पूर्व खेल उत्पादों पर करों की दर अपेक्षाकृत कम थी. ज्यादातर खेल सामग्री पंजाब के जालंधर और उत्तर प्रदेश के मेरठ शहरों में बनती है. यूपी में खेल उत्पाद टैक्स फ्री थे, जबकि पंजाब में इन पर दो प्रतिशत सीएसटी और 5.5 प्रतिशत वैट लगता था. अधिकतर खेल उत्पाद निर्माता इकाइयां अब तक केंद्रीय उत्पाद शुल्क के दायरे से बाहर थीं. अब खेल और फिटनेस उत्पादों पर जीएसटी की उच्च दर 12 से 28 प्रतिशत रखी गयी है.
खेल और फिटनेस आज की तारीख में विलासिता की श्रेणी में नहीं आते. यह उद्योग मुख्यतः लघु स्तर पर किया जा रहा है. दूसरी ओर केंद्र सरकार ने मिशन ओलिंपिक चला रखा है. ऐसे में खेल उत्पादों पर जीएसटी की उच्च दर लगाना तर्क संगत नहीं है. इसे पांच प्रतिशत के आसपास रखना चाहिए.
सुरजीत झा, गोड्डा

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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