आशुतोष चतुर्वेदीप्रधान संपादक प्रभात खबर के सिलीगुड़ी संस्करण ने एक दशक से अधिक समय पूरा कर लिया है. इस दौरान हमने कई उतार-चढ़ाव देखे. उत्तर बंगाल के हिंदी पाठकों का लगातार आग्रह था कि प्रभात खबर अपने सिलीगुड़ी संस्करण को नये तेवर-कलेवर के साथ लेकर आये और मालदा से लेकर कूचबिहार तक उनके पास पहुंचे. […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
आशुतोष चतुर्वेदी प्रधान संपादक
प्रभात खबर के सिलीगुड़ी संस्करण ने एक दशक से अधिक समय पूरा कर लिया है. इस दौरान हमने कई उतार-चढ़ाव देखे. उत्तर बंगाल के हिंदी पाठकों का लगातार आग्रह था कि प्रभात खबर अपने सिलीगुड़ी संस्करण को नये तेवर-कलेवर के साथ लेकर आये और मालदा से लेकर कूचबिहार तक उनके पास पहुंचे. एक अखबार के लिए पाठकों का प्रेम ही उसकी पूंजी है. ऐसे में उनके आग्रह की कब तक अनदेखी की जा सकती थी. आखिरकार एक लंबी तैयारी के बाद आज बिलकुल नये तेवर और कलेवर में प्रभात खबर आपके हाथों में है. निष्पक्ष खबरों के साथ ही आधुनिकतम जानकारियों से अपने पाठकों को अवगत कराने का हमारा प्रयास रहा है. इसके अलावा हमने खास तौर पर उत्तर बंगाल के हर वर्ग पाठकों को ध्यान में रखते हुए, यहां के संस्करण में हर रोज मनोरंजन, रोजगार, शिक्षा और संस्कृति पर आधारित विशेष पेज देने की भी व्यवस्था की है.
प्रभात खबर हमेशा सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्ध रहा है. उसकी टैगलाइन ‘अखबार नहीं आंदोलन’ यूं ही नहीं है. इसका एक पूरा इतिहास है. गांधीजी, जिसे समाज का अंतिम आदमी कहते थे, उस अंतिम आदमी के लिए यह अखबार हमेशा से मजबूती से खड़ा रहा है. जहां भी आम आदमी, समाज और राष्ट्र के विरुद्ध कुछ गलत दिखा, उसके खिलाफ हम एक मजबूत और निष्पक्ष चौथे स्तंभ के रूप में डटे रहे. जिन घपलों-घोटालों को शासन-प्रशासन ने छुपा कर रखना चाहा, उसे सबके सामने उजागर किया. इस कार्य में कई प्रकार की बाधाओं का भी सामना करना पड़ता है, लेकिन हमें अपने पाठकों का नैतिक समर्थन हर बार मिला है.
झारखंड प्रभात खबर की जन्मभूमि है, उस झारखंड से उत्तर बंगाल का गहरा नाता है. आज से सौ-डेढ़ सौ साल पहले जब अंगरेजों ने यहां चाय बागान स्थापित करने शुरू किये, तो जंगलों को साफ करने और बागानों में काम करने के लिए लाखों लोग झारखंड से लाये गये. झारखंडी मूल के ये लोग आज उत्तर बंगाल का अभिन्न हिस्सा हैं. हम आशा करते हैं कि ठीक इसी तरह, रांची से चलकर आज पूरे पूर्वी भारत का सबसे सशक्त अखबार बन चुका प्रभात खबर उत्तर बंगाल के लोगों के जीवन के अभिन्न हिस्से के रूप में स्थापित होगा.
पूर्वी भारत में हमारी मजबूत उपस्थिति का लाभ उत्तर बंगाल के पाठकों को भी मिलेगा. उत्तर बंगाल झारखंड और बिहार से लगा हुआ है, जहां हमारी पहले से दमदार उपस्थिति है. इन राज्यों की हर हलचल की खबर आपको मिलेगी. आज प्रभात खबर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता का सबसे प्रमुख हिंदी अखबार है. यानी, राज्य की राजधानी से खबरों का बेहतरीन कवरेज सिलीगुड़ी समेत पूरे उत्तर बंगाल के पाठकों को मिलेगा. हमें पूरा भरोसा है कि पाठकों का जो स्नेह हमारे अन्य संस्करणों को प्राप्त हुआ है, उससे बढ़कर स्नेह और समर्थन उत्तर बंगाल के पाठकों से प्राप्त होगा.