केंद्र सरकार द्वारा शुरू किये गये ‘ऑनलाइन सार्टिफिकेट संग्रह’ (नेशनल एकेडमिक डिपोजिटरी) से अब डिग्री, सर्टिफिकेट और मार्कशीट खोने या चोरी होने का डर जहां खत्म होगा, वहीं ऑनलाइन वेरिफिकेशन द्वारा डिग्री जालसाजी पर भी रोक भी लगेगी. पर सवाल यह है कि क्या इस कदम से उन लोगों पर भी रोक लग सकेगी, जो फर्जी डिग्री हासिल कर सरकारी नौकरियों में जमे हुए हैं?
गलत तरीकों से अलग-अलग पहचान बना कर फर्जी डिग्री हासिल कर प्रयोग कर रहे है, और गैरकानूनी तरीके से उन लोगों का अधिकार छीन रहे हैं, जो इसके असली हकदार हैं. क्या वे इसके निशाने पर आ पाएंगे? हालांकि यह बहुत खुशी की बात है कि आगे से फर्जी डिग्रियों पर नकेल लगेगी और देश एक नयी राह पर चलेगा.
हरिश्चंद्र महतो, बेलपोश, झारखंड
