2019 में पाकिस्तान के F-16 से मुकाबले के बाद पूरे देश में हीरो बने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान अब लड़ाकू विमान नहीं उड़ाएंगे. करीब 22 साल भारतीय वायुसेना में सेवा देने के बाद उन्होंने 31 मार्च 2026 को रिटायरमेंट ले लिया था. अब अगस्त में उन्होंने गोवा की रीजनल प्राइवेट एयरलाइन FLY91 ज्वाइन कर ली है और कमर्शियल पायलट के तौर पर नई पारी शुरू कर रहे हैं. फिलहाल वे कमर्शियल उड़ान के लिए जरूरी ट्रेनिंग और प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं.
लेकिन सवाल यह है कि जिस पायलट ने 2019 में दुश्मन के लड़ाकू विमान से मुकाबला किया और देशभर में पहचान बनाई, उसने 43 साल की उम्र में वायुसेना से रिटायरमेंट क्यों लिया?
2019 में ऐसे बने पूरे देश की नजरों में हीरो
अभिनंदन की कहानी 14 फरवरी 2019 से जुड़ी है. उस दिन जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF के काफिले पर आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 40 जवान शहीद हुए. इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया. 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की.
इसके अगले दिन यानी 27 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों के बीच हवाई मुकाबला हुआ. उस समय विंग कमांडर रहे अभिनंदन वर्धमान ने MiG-21 Bison से पाकिस्तानी विमानों का मुकाबला किया. भारतीय दावों के मुताबिक उन्होंने पाकिस्तानी F-16 को मार गिराया. इसके बाद उनका MiG-21 भी दुश्मन की फायरिंग की चपेट में आ गया और उन्हें विमान से बाहर निकलना पड़ा. वे पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में जा गिरे और पाकिस्तानी सेना ने उन्हें पकड़ लिया.
इसके बाद भारत में हर तरफ एक ही सवाल था- अभिनंदन कब वापस आएंगे? पाकिस्तान में हिरासत के दौरान सामने आए उनके वीडियो और तस्वीरें भारत में तेजी से वायरल हुए. पूछताछ के दौरान उनका संयम और बेखौफ अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया. उनकी खास मूंछ वाला लुक भी लोगों के बीच लोकप्रिय हो गया.
अभिनंदन की गिरफ्तारी के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के सामने उनकी सुरक्षित और तत्काल वापसी का मुद्दा उठाया. विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से कहा कि अभिनंदन के साथ अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक व्यवहार होना चाहिए. भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान को उनकी सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करनी होगी. इस बीच अमेरिका समेत कई देशों ने भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने की अपील की. भारत की ओर से लगातार कूटनीतिक प्रयास जारी रहे और पाकिस्तान पर तनाव कम करने का दबाव बढ़ता गया.
इसी बीच 28 फरवरी को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने संसद में घोषणा की कि अभिनंदन को 1 मार्च को रिहा किया जाएगा. पाकिस्तान ने इसे "शांति की पहल" बताया. करीब तीन दिन हिरासत में रहने के बाद 1 मार्च 2019 को वे भारत लौटे. उनकी वापसी पर अटारी-वाघा बॉर्डर पर बड़ी संख्या में लोग जमा हुए. देशभर में उनकी सुरक्षित वापसी को लेकर खुशी का माहौल था.
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वीर चक्र से सम्मानित हुए
2019 के हवाई मुकाबले में दिखाई गई बहादुरी के लिए अभिनंदन को वीर चक्र से सम्मानित किया गया. इसके बाद वे भारतीय वायुसेना के उन अधिकारियों में शामिल हो गए, जिन्हें देश ने उस संकट के दौरान उनकी बहादुरी और संयम के लिए याद किया.
उनकी कहानी इसलिए भी अलग रही क्योंकि यह सिर्फ एक हवाई मुकाबले की कहानी नहीं थी. एक तरफ दुश्मन के लड़ाकू विमान से मुकाबला, दूसरी तरफ पाकिस्तान में तीन दिन की हिरासत और फिर सुरक्षित भारत वापसी ने उन्हें आम लोगों के बीच भी बेहद लोकप्रिय बना दिया.
43 की उम्र में वायुसेना छोड़ने का सवाल
अभिनंदन ने करीब 22 साल की सेवा के बाद 31 मार्च 2026 को भारतीय वायुसेना से रिटायरमेंट लिया. वे उस समय 43 साल के थे. एक ग्रुप कैप्टन के तौर पर वे 54 साल की उम्र तक सेवा कर सकते थे. ऐसे में उनका समय से पहले रिटायरमेंट लेना सवाल खड़ा करता है कि आखिर उन्होंने 11 साल पहले ही वायुसेना क्यों छोड़ दी.
कुछ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फाइटर पायलटों के समय से पहले रिटायरमेंट के पीछे कई वजहें हो सकती हैं. जेट से इजेक्ट होने के दौरान रीढ़ पर काफी दबाव पड़ता है और चोट की स्थिति में पायलट को फाइटर जेट उड़ाने से रोककर ट्रांसपोर्ट विमान या हेलिकॉप्टर उड़ाने की जिम्मेदारी दी जा सकती है.
ऐसे में कुछ फाइटर पायलट फाइटर उड़ाने के बजाय समय से पहले रिटायरमेंट लेकर कमर्शियल एविएशन का रुख करते हैं. इसके अलावा प्राइवेट एयरलाइंस में कमर्शियल पायलटों की कमाई सैन्य पायलटों की तुलना में कई गुना अधिक हो सकती है.
रिपोर्ट में कारगिल युद्ध के नायक फ्लाइट लेफ्टिनेंट के. नचिकेता का उदाहरण भी दिया गया है, जिन्हें MiG-27 से इजेक्ट होने के बाद रीढ़ में चोट लगी थी और बाद में फाइटर जेट उड़ाने की अनुमति नहीं मिली. उन्होंने ट्रांसपोर्ट विमान उड़ाए और वायुसेना से ग्रुप कैप्टन के पद से रिटायर होने के बाद कमर्शियल एयरलाइन ज्वाइन की.
हालांकि, अभिनंदन वर्धमान ने खुद अपने समय से पहले रिटायरमेंट की वजह सार्वजनिक नहीं की है, इसलिए इन संभावित कारणों को उनके मामले की पक्की वजह नहीं माना जा सकता. इतना जरूर साफ है कि उन्होंने विमान उड़ाने का करियर नहीं छोड़ा, बल्कि उसका रास्ता बदल दिया.
अब FLY91 में यात्रियों को उड़ाने की तैयारी
वायुसेना से रिटायरमेंट के कुछ महीनों बाद अभिनंदन ने सिविल एविएशन का रुख किया. अगस्त 2026 में वे गोवा की रीजनल एयरलाइन FLY91 से कमर्शियल पायलट के तौर पर जुड़े. अभी वे कमर्शियल उड़ान से पहले जरूरी ट्रेनिंग और नियामकीय प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं. इसके बाद वे FLY91 के ATR 72-600 विमान उड़ा सकते हैं.
