कोरोना संक्रमण के मामलों के साथ- साथ अब ब्लैक फंगस और व्हाइट फंगस के मामले भी सामने आने लगे हैं. देश के कई राज्यो में ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ रहा है तो कई जगहों पर व्हाइट फंगस के मामले भी सामने आ रहे हैं.
अब सवाल है कि कोरोना के बाद फंगस के सामने आने वाले मामले कितना खतरनाक साबित हो सकते हैं. ब्लैक फंगस खतरनाक है इससे हो रही मौत का आंकड़ा भी बढ़ रहा है इसकी तुलना में व्हाइट फंगस ज्यादा खतरनाक नहीं है.
Also Read:
3 बजे के बाद भी सब्जी बेच रहा था मोहम्मद फैजल, परिजनों का आरोप पुलिस ने पीट- पीट कर मार डाला
इस संबंध में लोक नायक जयप्रकाश नारायण हॉस्पिटल के एमडी डॉ सुरेश कुमार ने जानकारी दी है जिसमें उन्होंने बताया कि व्हाइट फंगस ब्लैक फंगस की तरह ज्यादा खतरनाक नहीं है. इसका इलाज एक से डेढ़ महीने तक चलता है लेकिन इसका जल्दी पता लगना जरूरी है. इनके इलाज के लिए आपको स्ट्रायड नहीं लेना इस बात का विशेष ध्यान रखिये, डॉ सुरेश ने आगाह किया है कि डॉक्टरों की सहमति के बगैर कोई दवा ना लें.
उन्होंने बताया कि फंगस तंग और आर्द्र वाली जगहों पर बढ़ता है इसलिए इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आपके आसपास सफाई हो. फ्रीज में रखी चीजों का सेवन बंद कर दें अगर आप फल खाते हैं तो लंबे समय तक फ्रीज में रखें फल ना खायें इससे नुकसान हो सकता है, ताजा फल खाना ही आपकी सेहत के लिए बेहतर है. घरों में रौशनी आने दें औऱ समय- समय पर हाथ धोते रहें तो आप इन बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं.
