केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी महेश दीक्षित को आईबी का नया प्रमुख नियुक्त किया है. वह अब आईबी की कमान संभालेंगे. दीक्षित, तपन डेका की जगह आईबी प्रमुख का पद संभालेंगे. तपन डेका का कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो रहा है. 1988 बैच के हिमाचल प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी डेका को 2022 में आईबी प्रमुख बनाया गया था और बाद में उन्हें दो बार एक-एक साल का सेवा विस्तार दिया गया.
इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) भारत की प्रमुख खुफिया एजेंसी है. यह आतंकवाद, विभिन्न क्षेत्रों में संघर्ष, सरकारी नीतियों से जुड़े सुरक्षा खतरों और जासूसी रोधी गतिविधियों पर नजर रखती है. आईबी खुफिया जानकारी जुटाने के साथ-साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस बलों को भी जरूरी सहयोग और सूचनाएं उपलब्ध कराती है.
कौन हैं महेश दीक्षित?
महेश दीक्षित 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और आंध्र प्रदेश कैडर से आते हैं. वह फिलहाल इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में स्पेशल डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं, जो एजेंसी का दूसरा सबसे बड़ा पद माना जाता है. दीक्षित लंबे समय से आईबी में अहम जिम्मेदारियां निभा रहे हैं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण खुफिया अभियानों की निगरानी कर रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार, महेश दीक्षित पेशे से डॉक्टर रहे हैं, लेकिन बाद में उन्होंने पुलिस सेवा का रास्ता चुना. आंतरिक सुरक्षा और खुफिया मामलों में उनके पास लंबा अनुभव है. उन्होंने कई महत्वपूर्ण सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभाई है. खुफिया कार्यों में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है.
दीक्षित के पास जम्मू-कश्मीर में लंबे समय तक राज्य खुफिया ब्यूरो के प्रमुख के तौर पर काम करने का अनुभव है. उनको मजबूत जमीनी खुफिया नेटवर्क और आतंकवाद-रोधी अभियानों में विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है. वह श्रीनगर में सहायक आसूचना ब्यूरो के प्रमुख रह चुके हैं. अधिकारियों के अनुसार, अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उनकी अहम भूमिका रही थी. पिछले साल महेश दीक्षित ने एक बड़े “सफेदपोश” आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करने में अहम भूमिका निभाई थी. यह कार्रवाई श्रीनगर पुलिस से मिली शुरुआती खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी.
