पूर्व NCB डायरेक्टर समीर वानखेड़े पर क्या है आरोप? क्यों CBI ने किया मामला दर्ज

आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े और अन्य ने आर्यन खान को मादक पदार्थ मामले में नही फंसाने के लिए 25 करोड़ रुपये की कथित तौर पर मांग की थी. अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई को जानकारी मिली कि अधिकारी और उनके साथी ने 50 लाख रुपये अग्रिम के तौर पर कथित तौर पर लिये थे.

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के पूर्व निदेशक समीर वानखेड़े और चार अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है. 2008 बैच के आईआरएस अधिकारी वानखेड़े और चार अन्य एनसीबी के तत्कालीन अधीक्षक विश्व विजय सिंह, खुफिया अधिकारी आशीष रंजन और दो लोगों केपी गोसावी व सांविल डिसूजा के खिलाफ सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की है.

क्या है समीर वानखेड़े पर आरोप

दरअसल आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े और अन्य ने आर्यन खान को मादक पदार्थ मामले में नही फंसाने के लिए 25 करोड़ रुपये की कथित तौर पर मांग की थी. अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई को जानकारी मिली कि अधिकारी और उनके साथी ने 50 लाख रुपये अग्रिम के तौर पर कथित तौर पर लिये थे. वानखेड़े आर्यन खान की गिरफ्तारी के समय मुंबई में एनसीबी के प्रमुख थे. उन्हें पिछले साल मई में चेन्नई में करदाता सेवा महानिदेशालय में स्थानांतरित कर दिया गया था.

समीर वानखेड़े मामले में सीबीआई ने की 29 स्थानों पर छापेमारी

समीर वानखेड़े और अन्य के खिलाफ सीबीआई ने पिछले दिनों मुंबई, दिल्ली, रांची, लखनऊ, गुवाहाटी और चेन्नई में 29 स्थानों पर एक समन्वित तलाशी अभियान चलाया था.

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वानखेड़े की पत्नी ने पति पर लगे सारे आरोप को बताया गलत

पति के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार मामले पर समीर वानखेड़े की पत्नी क्रांति रेडकर वानखेड़े ने कहा, सभी जानते हैं कि उन पर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं. ये सिर्फ आरोप हैं और हम सीबीआई की कार्यवाही में पूरा सहयोग कर रहे हैं. हमें कानून व्यवस्था पर भरोसा है, और हम एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में जांच एजेंसी के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं.

आर्यन खान को दो अक्टूबर, 2021 को गिरफ्तार किया गया था

एनसीबी द्वारा तीन अक्टूबर, 2021 को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किए गए आर्यन खान को 25 दिन जेल में बिताने के बाद 28 अक्टूबर, 2021 को बम्बई उच्च न्यायालय ने जमानत दे दी थी. एनसीबी ने 27 मई, 2022 को आर्यन खान को ‘क्लीन चिट’ देते हुए 14 आरोपियों के खिलाफ 6,000 पृष्ठ का आरोप पत्र दाखिल किया था. एनसीबी के अधिकारियों ने कहा कि आर्यन खान और पांच अन्य का नाम एजेंसी के आरोपपत्र में पर्याप्त साक्ष्य की कमी के कारण नहीं था.

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Published by: Arbindkumar mishra

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झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

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एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

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