देशभर में बाढ़ जैसे हालात
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों के अनुसार भारत में अगस्त के महीने में पिछले 44 साल में सबसे ज्यादा बारिश हुई है जहां देश के अनेक हिस्सों में बाढ़ की स्थिति है. आईएमडी ने मध्य प्रदेश के अनेक हिस्सों में और भी ज्यादा भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाते हुए रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है. दिल्ली में यमुना शनिवार सुबह भी खतरे के निशान के करीब बहती रही, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि जल स्तर के घटने की संभावना है.
सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘पुराने रेल पुल पर सुबह 10 बजे जल स्तर 204.23 मीटर था. शुक्रवार को शाम 5 बजे यह 204.41 मीटर और बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे 203.77 मीटर था.” हरियाणा के यमुनानगर जिले के हथनीकुंड बैराज से सुबह 8 बजे 7,173 क्यूसेक की दर से यमुना में पानी छोड़ा जा रहा था.
शुक्रवार को शाम 4 बजे प्रवाह दर 13,871 क्यूसेक थी, जो पिछले 24 घंटों में अधिकतम थी. अधिकारी ने कहा, ‘‘पिछले दो दिनों में प्रवाह दर 10,000 क्यूसेक से 25,000 क्यूसेक के बीच बनी हुई है, जो बहुत अधिक नहीं है.” एक क्यूसेक 28.32 लीटर प्रति सेकंड के बराबर होता है. बैराज से छोड़े गए पानी को आम तौर पर राजधानी तक पहुंचने में दो-तीन दिन लगते हैं. इसी बैराज से दिल्ली को पीने का पानी प्रदान किया जाता है. अधिकारी ने बताया कि दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों में बारिश के कारण शुक्रवार को जल स्तर बढ़ गया. पूर्वी दिल्ली जिला प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखने के लिए दो गोताखोरों के साथ 24 नौकाएं तैनात की हैं.