Waqf Law Controversy: पीएम मोदी से मिला दाऊदी बोहरा समुदाय, वक्फ कानून के लिए जताया आभार

Waqf Law Controversy: वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को लेकर जारी विरोध और विवाद के बीच दाऊदी बोहरा समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. डेलिगेशन ने वक्फ कानून के लिए पीएम मोदी का आभार जताया.

Waqf Law Controversy: दाऊदी बोहरा समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. डेलिगेशन ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के लिए पीएम का आभार व्यक्त किया. इस समुदाय की यह लंबे समय से लंबित मांग थी. डेलिगेशन ने कहा, यह समुदाय की लंबे समय से लंबित मांग थी. उन्होंने पीएम के ‘सबका साथ , सबका विकास, सबका विश्वास’ के दृष्टिकोण में विश्वास जताया.

दाऊदी बोहरा समुदाय के बारे में जानें

दाऊदी बोहरा मुख्य रूप से पश्चिम भारत का एक मुस्लिम समुदाय है, जिसके सदस्य दुनिया भर के 40 से अधिक देशों में बसे हैं. दाऊदी बोहरा समुदाय अपनी विरासत का पता मिस्र में पैगंबर मुहम्मद के प्रत्यक्ष वंशज, फातिम इमामों से लगाता है. दुनिया भर में दाऊदी बोहरा अपने प्रमुख अल-दाई अल-मुतलक के रूप में निर्देशित होते हैं.

वक्फ पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, केंद्र सरकार को मिला एक सप्ताह का समय

वक्फ कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन सुनवाई हुई. जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है. कोर्ट ने केंद्र से कहा कि जवाब दिए जाने तक न तो वक्फ की संपत्तियों को गैर-अधिसूचित किया जाए, बल्कि वक्फ परिषद और बोर्ड में कोई नियुक्ति की जा सकेगी. इस पर केंद्र सरकार ने कोर्ट को आश्वासन दिया है कि वक्फ की संपत्तियों को न तो गैर-अधिसूचित करेगी और न ही केंद्रीय वक्फ परिषद व बोर्ड में कोई नियुक्ति करेगी.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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