Waqf Bill: वक्फ बिल पर बीजेपी और कांग्रेस ने कर ली अपनी-अपनी तैयारी, दिल्ली में INDIA गठबंधन की बड़ी बैठक

Waqf Bill: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार बुधवार 2 अप्रैल को लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल को चर्चा और पारित करने के लिए पेश करने वाली है. इसको लेकर बीजेपी और कांग्रेस ने अपनी-अपनी तैयारी कर ली है. दोनों पार्टियों ने अपने-अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है और संसद में पूरी कार्यवाही के दौरान अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है.

Waqf Bill: लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर बुधवार को गरमा-गर्म बहस होने की संभावना जताई जा रही है. क्योंकि विपक्षी दल वक्फ विधेयक का पुरजोर विरोध कर रहे हैं. बीजेपी ने अपने सभी लोकसभा सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है और साफ कर दिया है कि पूरी कार्यवाही के दौरान सभी की उपस्थिति अनिवार्य है. यही नहीं कांग्रेस ने भी अपने सभी सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है.

दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के नेताओं की बड़ी बैठक

वक्फ बिल संसद में पेश होने से एक दिन पहले इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने विधेयक पर रणनीति पर चर्चा करने के लिए एक बैठक की. बैठक की अगुआई लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने की.

कांग्रेस ने सभी सांसदों को तीन दिन तक सदन में उपस्थित रहने का दिया निर्देश

वक्फ संशोधन विधेयक लाए जाने से एक दिन पहले कांग्रेस ने मंगलवार को पार्टी के सभी लोकसभा सदस्यों को व्हिप जारी कर अगले तीन दिनों तक सदन में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. कांग्रेस ने तीन पंक्ति का व्हिप तब जारी किया, जब सरकार ने स्पष्ट किया कि विवादास्पद वक्फ (संशोधन) विधेयक बुधवार को चर्चा और पारित कराने के लिए लोकसभा में लाया जाएगा.

वक्फ संशोधन विधेयक पर 8 घंटे होगी चर्चा, विपक्ष ने किया विरोध

वक्फ संशोधन विधेयक का विपक्षी पार्टियों ने पुरजोर विरोध किया है. केंद्रीय अल्पसंख्यक और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संवाददाताओं कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में सदन की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में इस विधेयक पर आठ घंटे की चर्चा के लिए सहमति बनी जिसे सदन की भावना के अनुरूप और बढ़ाया जा सकता है. रीजीजू ने कहा कि कई दल चार से छह घंटे की चर्चा चाहते थे, वहीं विपक्षी दलों के सदस्य 12 घंटे की चर्चा कराने पर अड़े रहे. इंडिया गठबंधन के सदस्यों ने बैठक से वॉकआउट किया और सरकार पर उनकी आवाज दबाने का आरोप लगाया.

विपक्ष के विरोध का सरकार पर कितना पड़ेगा असर

वक्फ बिल का विपक्षी पार्टियों ने जमकर विरोध किया है. संसद में हंगामे के आसार हैं. हालांकि इस मुद्दे पर गतिरोध से कोई खास फर्क नहीं पड़ता दिख रहा क्योंकि लोकसभा में सत्तारूढ़ भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पक्ष में संख्याबल है. लोकसभा में 542 सदस्यों में NDA के 293 सांसद हैं. जबकि बीजेपी कई मौकों पर कुछ निर्दलीय सदस्यों का समर्थन हासिल करने में सफल रही है.

सरकार हमारी आवाज दबा रही है : गोगोई

लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि उनकी आवाज को सुना नहीं जा रहा. उन्होंने कहा कि विपक्षी दल चर्चा के लिए और अधिक समय आवंटित करने की मांग कर रहे थे और चाहते थे कि सदन में मणिपुर की स्थिति और मतदाता पहचान पत्र से जुड़े विवाद जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो.

ओवैसी ने भी संसद में सरकार को घेरने की कर ली है तैयारी

विधेयक के मुखर विरोधी एआईएमआईएम सदस्य असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि वह सदन में इस विधेयक पर चर्चा के दौरान बताएंगे कि यह किस तरह असंवैधानिक है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक मुसलमानों के धार्मिक अधिकारों पर नियंत्रण के मकसद से लाया गया है और जनता तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और जनता दल (यू) जैसे भाजपा के सहयोगी दलों को सबक सिखाएगी.

वक्फ बिल के खिलाफ क्यों हैं विपक्षी सांसद

विपक्षी दल विधेयक का कड़ा विरोध कर रहे हैं और इसे असंवैधानिक एवं मुस्लिम समुदाय के हितों के खिलाफ बता रहे हैं. कुछ प्रमुख मुस्लिम संगठन विधेयक के खिलाफ एकजुट हैं. विधेयक में भारत में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और प्रशासन में सुधार का प्रावधान प्रस्तावित है.

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By Arbindkumar mishra

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