Waqf Bill: मोदी सरकार इसी सत्र में लेकर आएगी वक्फ बिल, 2 अप्रैल को लोकसभा में हो सकता है पेश

Waqf Bill: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार मौजूदा संसद सत्र में ही वक्फ बिल पेश करने की तैयारी में है. ऐसी संभावना है कि 2 अप्रैल को लोकसभा में बिल को पेश किया जा सकता है.

Waqf Bill: वक्फ संशोधन विधेयक बिल केंद्र सरकार ने तैयार कर ली है. इसे 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है. इस बीच केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “मेरी सभी से अपील है कि जब हम संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करने की तैयारी कर रहे हैं, तो हमें सदन में बहस और चर्चा में अवश्य भाग लेना चाहिए. संसद के बाहर, रिकॉर्ड संख्या में परामर्श और विचार-विमर्श हुए हैं. जेपीसी ने लोकतांत्रिक भारत के इतिहास में अब तक की सबसे व्यापक परामर्श प्रक्रिया और सर्वोच्च प्रतिनिधित्व का रिकॉर्ड बनाया है. अब जबकि विधेयक तैयार है, मैं सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध करना चाहूंगा कि वे इसमें भाग लें और संसद में अपने विचार रखें। कृपया गुमराह न करें.”

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अवैध कैसे हो सकता है वक्फ बिल: किरेन रिजिजू

वक्फ संशोधन विधेयक पर केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “कुछ लोग कह रहे हैं कि यह वक्फ संशोधन विधेयक असंवैधानिक है. वक्फ नियम आजादी से पहले से ही अस्तित्व में हैं… ये सभी प्रावधान पहले से ही अस्तित्व में हैं. अगर वक्फ अधिनियम आजादी से पहले से अस्तित्व में है, तो यह अवैध कैसे हो सकता है?”

भारत में अल्पसंख्यक सबसे सुरक्षित हैं : रिजिजू

किरेन रिजिजू ने कहा, “भोले-भाले मुसलमानों को यह कहकर गुमराह किया जा रहा है कि सरकार मुसलमानों की संपत्ति और अधिकार छीनने जा रही है. कुछ लोगों द्वारा फैलाई जा रही झूठी बातें हमारे समाज और राष्ट्र के लिए बहुत हानिकारक हैं. मैं सभी से अनुरोध करना चाहूंगा कि कृपया उन नेताओं की पहचान करें जो झूठ बोल रहे हैं. ये वे लोग हैं जिन्होंने सीएए के दौरान देश को गुमराह किया. मुझे यह कहते हुए बहुत गर्व हो रहा है कि भारत में अल्पसंख्यक सबसे सुरक्षित हैं और अल्पसंख्यकों को भारत में स्वतंत्रता के सबसे अच्छे अधिकार प्राप्त हैं.”

प्रमोद बोरो ने वक्फ बिल पर प्रतिक्रिया देने से किया इनकार

वक्फ संशोधन विधेयक पर बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य प्रमोद बोरो ने कहा, “विभिन्न दलों की अलग-अलग राय है. मैं इस मुद्दे पर टिप्पणी नहीं करना चाहता क्योंकि यह एक संवेदनशील मुद्दा है. मैं अपना अध्ययन कर रहा हूं और बाद में टिप्पणी करूंगा.”

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By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

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