Waqf Amendment Bill: वक्फ बोर्ड कैसे करेगा काम? लोकसभा में बोले अमित शाह- वक्फ में एक भी गैर-मुस्लिम नहीं

Waqf Amendment Bill: वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 बुधवार को लोकसभा में पेश किया गया. जिसपर जोरदार चर्चा हुई. बिल के समर्थन में बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री विपक्ष पर जमकर हमला बोला. उन्होंने इस दौरान यह भी साफ कर दिया कि वक्फ में एक भी गैर-मुस्लिम नहीं आएगा. इसके अलावा शाह ने वक्फ बोर्ड किस तरह से काम करेगा इसको भी साफ कर दिया. वक्फ पर शाह के भाषण की खास बातें आप यहां देख सकते हैं.

Waqf Amendment Bill: वक्फ बिल पर बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा, “आप (विपक्ष) इस देश को तोड़ दोगे…मैं इस सदन के माध्यम से देश के मुसलमानों से कहना चाहता हूं कि आपके वक्फ में एक भी गैर-मुस्लिम नहीं आएगा. इस कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है लेकिन वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद क्या करेगी? वक्फ की संपत्तियां बेचने वालों को पकड़कर बाहर निकालेगी…वक्फ की आय गिरती जा रही है, जिसके माध्यम से अल्पसंख्यकों के लिए विकास करना है और उन्हें आगे बढ़ाना है, वो पैसा जो चोरी होता है, उसको वक्फ बोर्ड और परिषद पकड़ने का काम करेगी.”

वक्फ पर फैलाई जा रही गलतफहमी : शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “एक और गलतफहमी फैलाई जा रही है कि यह विधेयक पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू होगा. जब आप इस सदन में बोलें तो जिम्मेदारी के साथ बोलें. विधेयक में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि विधेयक पारित होने पर सरकार द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने के बाद कानून लागू होगा. कोई पूर्वव्यापी प्रभाव नहीं है.”

वक्फ को सभी को स्वीकार करना पड़ेगा : शाह

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह वक्फ पर प्रस्तावित कानून नहीं मानने की धमकी दे रहा, लेकिन यह संसद द्वारा पारित किया गया कानून होगा और इसे सभी को स्वीकार करना पड़ेगा.

वक्फ की संपत्तियों की चोरी करने वालों को पकड़ेगा बोर्ड : शाह

अमित शाह ने कहा, “वक्फ की संपत्तियां बेच खाने वाले को इससे बाहर निकालने के लिए यह कानून लाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस संशोधन विधेयक का उद्देश्य औने-पौने दाम पर सौ साल के लिए वक्फ की जमीन किराये पर देने वाले लोगों को पकड़ना है. शाह ने कहा, ‘यह पैसा जो चोरी होता है, उसे पकड़ने का काम वक्फ बोर्ड करेगा.’ उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके राज्य में (वक्फ की जमीन के लिए) जो मिलीभगत चल रह रही है वह अब नहीं चलेगी.”

वक्फ एक प्रकार की चैरिटेबल संस्था

वक्फ एक प्रकार की चैरिटेबल संस्था है, जहां कोई व्यक्ति अपनी संपत्ति को सामाजिक, धार्मिक या जनकल्याण के उद्देश्य से दान करता है, बिना उसे वापस लेने के अधिकार के. इसमें ‘दान’ शब्द का विशेष महत्व है क्योंकि दान केवल उसी चीज का किया जा सकता है, जो हमारी स्वयं की संपत्ति हो. सरकारी संपत्ति का दान कोई नहीं कर सकता.

वक्फ विधेयक जमीन को सुरक्षा प्रदान करेगी

अमित शाह ने कहा, यह विधेयक जमीन को यह सुरक्षा प्रदान करेगी कि घोषणा मात्र से ही वह अब वक्फ की नहीं बन जाएगी. संशोधन विधेयक के जरिये संपत्ति घोषित करने का वक्फ का अधिकार समाप्त कर दिया गया है, कलेक्टर (जिलाधिकारी) से सत्यापित कराना पड़ेगा और नये वक्फ को पंजीकृत कराना होगा. हमने बोहरा, अहमदिया, पसमांदा, शिया आदि को भी इसमें समावेश किया है.” पुरातत्व विभाग और ASI की जमीन को सरकार सुरक्षा देगी, आदिवासी समाज की जो जमीने हैं, वह सुरक्षित हो जाएगी. आम नागरिकों की निजी संपत्ति भी सुरक्षित होगी.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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