Waqf Amendment Bill: 'गोलमोल बात नहीं कर सकते', लोकसभा में जब आमने-सामने हुए अमित शाह और अखिलेश यादव

Waqf Amendment Bill: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने वक्फ बोर्डों को नियंत्रित करने वाले कानून में संशोधन से संबंधित विधेयक गुरुवार को लोकसभा में पेश किया. हालांकि बिल पेश करने के बाद विपक्षी सांसदों ने इसका जमकर विरोध किया.

Waqf Amendment Bill: केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने सदन में ‘वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024’ पेश किया और विभिन्न दलों की मांग के अनुसार विधेयक को संसद की संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजने का प्रस्ताव किया. इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, मैं सभी दलों के नेताओं से बात करके इस संयुक्त संसदीय समिति का गठन करुंगा.

Waqf Amendment Bill: वक्फ बिल का विपक्ष ने किया जोरदार विरोध

वक्फ बिल का विपक्षी सदस्यों ने पुरजोर विरोध किया और कहा कि यह संविधान, संघवाद और अल्पसंख्यकों पर हमला है. वक्फ बिल में बहस के दौरान एक बार लोकसभा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और सपा सांसद अखिलेश यादव आमने-सामने हो गए. दोनों के बीच तीखी बहस हुई.

क्यों आपस में भीड़े अमित शाह और अखिलेश यादव?

समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश ने कहा, ये बिल जो पेश किया जा रहा है वो बहुत सोची समझी राजनीति के लिए तैयार हो रहा है. अध्यक्ष महोदय, मैंने लॉबी में सुना है कि आपके कुछ अधिकार भी छीने जा रहे हैं और हमें आपके लिए लड़ना होगा. मैं इस बिल का विरोध करता हूं. अखिलेश यादव की बातों को बीच में ही रोकते हुए अमित शाह ने कहा, अध्यक्ष के अधिकार केवल विपक्ष के नहीं हैं अखिलेश जी, पूरे सदन के हैं. अखिलेश यादव के दावों का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, अखिलेश जी, आप इस तरह की गोलमोल बात नहीं कर सकते. आप स्पीकर के अधिकार के संरक्षक नहीं हो.

बीजेपी को अपना नाम बदलकर ‘भारतीय जमीन पार्टी’ रख लेना चाहिए

वक्फ अधिनियम संशोधन पर बहस करते हुए अखिलेश यादव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने सत्तारूढ़ भाजपा पर प्रस्तावित वक्फ अधिनियम में संशोधन की आड़ में वक्फ की जमीन बेचने की योजना बनाने का आरोप लगाया. अखिलेश ने कहा, सरकार रियल एस्टेट कंपनी की तरह काम कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी को अपना नाम बदलकर ‘भारतीय जमीन पार्टी’ रख लेना चाहिए.

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संसद में संशोधन विधेयक पारित होने के बाद वक्फ बोर्ड की शक्तियां कम हो जाएंगी

केंद्र की मोदी सरकार वक्फ अधिनियम में संशोधन के लिये इसी सत्र में संसद में संशोधन विधेयक ला रही है. माना जा रहा है कि संसद में संशोधन विधेयक पारित होने के बाद वक्फ बोर्ड की शक्तियां कम हो जाएंगी.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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