मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर गुरुवार को हुए उपचुनाव का मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, शाम छह बजे तक करीब 71.40 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो अंतिम आंकड़ों में थोड़ा बढ़ सकता है. सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग के दौरान मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला. अब सभी की नजर 3 अगस्त को होने वाली मतगणना पर टिकी है, जब यह तय होगा कि दतिया की जनता ने किसे अपना प्रतिनिधि चुना है.
291 केंद्रों पर हुई वोटिंग, सुरक्षा रही चाक-चौबंद
जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखड़े के मुताबिक पूरे विधानसभा क्षेत्र में 291 मतदान केंद्र बनाए गए थे, जिनमें 186 ग्रामीण और 105 शहरी क्षेत्र में थे। कुल 2.20 लाख से अधिक मतदाताओं को मतदान का अधिकार था. चुनाव को शांतिपूर्ण बनाने के लिए सुरक्षा बलों की 16 कंपनियां तैनात की गई थीं. साथ ही शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया था. प्रशासन ने दावा किया कि मतदान के दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली.
मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर यह उपचुनाव इसलिए कराया गया क्योंकि 2023 में कांग्रेस के टिकट पर जीते विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त हो गई थी. दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें धोखाधड़ी के मामले में तीन साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद सीट खाली हो गई. इसी कारण निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव कराया. अब ईवीएम में कैद जनता का फैसला 3 अगस्त को सामने आएगा, जो दतिया की राजनीति के साथ-साथ प्रदेश की सियासी दिशा पर भी असर डाल सकता है.
कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप, प्रशासन ने किया खारिज
मतदान के बीच कांग्रेस ने पुलिस और प्रशासन पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया. पार्टी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि रामसागर के एक मतदान केंद्र से उसके पोलिंग एजेंट को बिना कारण पुलिस अपने साथ ले गई, जिससे निष्पक्ष मतदान प्रभावित हुआ. हालांकि जिला निर्वाचन अधिकारी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि किसी पोलिंग एजेंट को नहीं हटाया गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल मतदान केंद्र के बाहर खड़े कुछ लोगों को हटाया गया था, जिनमें विभिन्न दलों के कार्यकर्ता शामिल थे.
भाजपा-कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर, तीसरा मोर्चा भी मैदान में
उपचुनाव में भाजपा ने आशुतोष तिवारी, कांग्रेस ने घनश्याम सिंह और आजाद समाज पार्टी ने दामोदर सिंह यादव को मैदान में उतारा है. इनके अलावा 18 अन्य उम्मीदवार भी चुनाव लड़ रहे हैं. मतदान के बाद कांग्रेस प्रत्याशी ने जीत का दावा किया, जबकि भाजपा उम्मीदवार ने कहा कि जनता विकास और सुशासन के पक्ष में फैसला देगी. पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और अन्य नेताओं ने भी भाजपा की जीत का भरोसा जताया.
क्यों कराना पड़ा दतिया में उपचुनाव?
दतिया सीट पर यह उपचुनाव इसलिए कराया गया क्योंकि 2023 में कांग्रेस के टिकट पर जीते विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त हो गई थी. दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें धोखाधड़ी के मामले में तीन साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद सीट खाली हो गई. इसी कारण निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव कराया. अब ईवीएम में कैद जनता का फैसला 3 अगस्त को सामने आएगा, जो दतिया की राजनीति के साथ-साथ प्रदेश की सियासी दिशा पर भी असर डाल सकता है.
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