Watch Video: वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की पहली झलक, लग्जरी सुविधाएं देख रह जाएंगे दंग

Vande Bharat Sleeper Train: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के अंत में गुवाहाटी और कोलकाता के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का निरीक्षण किया. रेल मंत्री ने ट्रेन में दिख गई सुविधाओं के बारे में जाना और मीडिया को बताया भी.

Vande Bharat Sleeper Train: निरीक्षण करने के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, CRS इंस्पेक्शन और उसके बाद सर्टिफिकेशन के बाद वंदे भारत उद्घाटन के लिए तैयार है. दो रैक गुवाहाटी और कोलकाता भेजे जा रहे हैं. बहुत जल्द, आने वाले दिनों में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन करेंगे. अगर आप सीढ़ियों को देखें, तो उन्हें चढ़ने के लिए एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन किया गया है. आपको कई फीचर्स दिखेंगे; ट्रे रखने के लिए अलग-अलग फीचर्स हैं, और शेड्स इस तरह से डिजाइन किए गए हैं कि आप आसानी से अपनी पसंद के हिसाब से रोशनी और धूप को कंट्रोल कर सकें. हर जगह ब्रेल का इस्तेमाल किया गया है. सीट नंबर पर भी ब्रेल है. यात्रियों की आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए कई बातों का ध्यान रखा गया है. डिटेल्स पर बहुत ध्यान दिया गया है.

CCTV कैमरे से लैस है वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

रेल मंत्री ने बताया, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में CCTV कैमरे पहले से लगे हैं, और कवच सिस्टम भी इंस्टॉल है. ब्रेकिंग सिस्टम को पूरी तरह से नए तरीके से प्रोग्राम किया गया है. यात्रियों के आराम के लिए, सीटों को नए तरीके से डिजाइन किया गया है. किराया भी बहुत किफायती रखा गया है.

वंदे भारत ट्रेन की खासियत

16 डिब्बों वाली ट्रेन की यात्री क्षमता 823 है.
इसकी डिजाइन गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा है.
फिलहाल गुवाहाटी और कोलकाता के बीच 120-130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी.
ट्रेन असम और पश्चिम बंगाल के प्रमुख जिलों को कवर करेगी.
ट्रेन में 11 डिब्बे थर्ड एसी, चार डिब्बे सेकंड एसी और एक डिब्बा फर्स्ट एसी शामिल हैं.
कुल 823 सीटों में से 611 थर्ड एसी में, 188 सेकंड एसी में और 24 फर्स्ट एसी में हैं.
एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन किए गए हैं बर्थ.
वेस्टिब्यूल वाले स्वचालित दरवाजे.
बेहतर सस्पेंशन और शोर कम.
स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (कवच).
आपातकालीन टॉक-बैक प्रणाली.
उच्च स्वच्छता मानकों को बनाए रखने के लिए कीटाणुनाशक तकनीक शामिल हैं. कीटाणुनाशक तकनीक 99.9 प्रतिशत रोगाणुओं को नष्ट कर देगी. इसी तकनीक का उपयोग वंदे भारत चेयर-कार संस्करण में भी किया जा रहा है.

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, फोटो एक्स

टिकट का किराया हवाई यात्रा की तुलना में काफी कम

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की टिकट को लेकर बताया, टिकट का किराया हवाई यात्रा की तुलना में काफी कम होगा. मंत्री ने कहा, वंदे भारत में वातानुकूलित तृतीय श्रेणी (थर्ड एसी) का किराया भोजन सहित लगभग 2300 रुपये, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी (सेकंड एसी) का लगभग 3000 रुपये और वातानुकूलित प्रथम श्रेणी (फर्स्ट एसी) का लगभग 3600 रुपये होगा. ये किराये मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर तय किए गए हैं. वैष्णव ने बताया कि गुवाहाटी-कोलकाता हवाई यात्रा का किराया लगभग 6000 से 8000 रुपये है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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