Vande Bharat express donor heart : वंदे भारत एक्सप्रेस एक बार फिर किसी की जिंदगी बचाने की वजह बनी. गुजरात में पहली बार इस ट्रेन को अंकलेश्वर रेलवे स्टेशन पर विशेष रूप से रोका गया, ताकि डोनर हार्ट बिना समय गंवाए अहमदाबाद पहुंचाया जा सके. कुछ घंटों के भीतर यह दिल यूएन मेहता अस्पताल में भर्ती मरीज को ट्रांसप्लांट किया जाएगा. तीन दिन में दूसरी बार वंदे भारत के जरिए डोनर हार्ट को ट्रांसप्लांट के लिए पहुंचाया गया है.
ग्रीन कॉरिडोर बना, अस्पताल से सीधे ट्रेन तक पहुंचा दिल
डोनर हार्ट अंकलेश्वर के स्मृति जयाबेन मोदी मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल से लिया गया. हार्ट ट्रांसप्लांट में समय सबसे बड़ी चुनौती होता है, इसलिए प्रशासन ने अस्पताल से रेलवे स्टेशन तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया. एंबुलेंस बिना किसी ट्रैफिक रुकावट के सीधे स्टेशन पहुंची, जहां डॉक्टरों की टीम पहले से वंदे भारत एक्सप्रेस में मौजूद थी. इसके बाद ट्रेन तेज रफ्तार से अहमदाबाद के लिए रवाना हो गई.
तीन दिन में दूसरी बार बनी जीवनरक्षक ट्रेन
यह लगातार तीन दिनों में दूसरी बार है, जब वंदे भारत एक्सप्रेस ने अंग प्रत्यारोपण के मिशन में अहम भूमिका निभाई है. इससे पहले सूरत से अहमदाबाद तक भी डोनर हार्ट इसी ट्रेन से पहुंचाया गया था. भारतीय रेलवे के इतिहास में यह पहली बार था कि किसी डोनर हार्ट को ट्रेन के जरिए ट्रांसप्लांट के लिए ले जाया गया.
अस्पताल में होगा 78वां हार्ट ट्रांसप्लांट
डॉक्टरों के मुताबिक, डोनर हार्ट को शरीर से निकालने के बाद सीमित समय के भीतर दूसरे मरीज तक पहुंचाना जरूरी होता है. ऐसे में वंदे भारत की रफ्तार और समय की पाबंदी ने एक बार फिर बड़ी भूमिका निभाई. अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल में इस दिल से 78वां हार्ट ट्रांसप्लांट किया जाएगा.
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