Uttarakhand Tunnel Collapse: जानें फिर क्यों रुका ड्रिलिंग का काम, देखें हादसे वाली जगह का ताजा वीडियो

Uttarakhand Tunnel Collapse: अंतरराष्ट्रीय सुरंग विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स ने जो जानकारी दी है उसके अनुसार, मलबे के रास्ते ड्रिलिंग करने वाली ऑगर मशीन में फिर से कुछ समस्याएं आ रही हैं. देखें घटनास्थल का ताजा वीडियो

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में 12 दिनों से फंसे 41 श्रमिकों को बचाने का काम तेजी से चल रहा है. इस बीच हादसे की जगह का ताजा वीडियो सामने आया है जिसे न्यूज ऐजेंसी एएनआई ने जारी किया है. इस वीडियो में नजर आ रहा है कि राहत बचाव कार्य में लगे लोग श्रमिकों के लिए खाना पैक कर रहे हैं. इस बीच बचाव अभियान में इस्तेमाल की जा रही ड्रोन तकनीक पर स्क्वाड्रन इंफ्रा माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के एमडी और सीईओ सिरिएक जोसेफ ने कहा कि यह (ड्रोन) नवीनतम तकनीकों में से एक है जो सुरंग के अंदर जा सकता है.

राहत बचाव कार्य में फिर से बाधा

इस बीच गुरुवार को राहत बचाव कार्य में फिर से बाधा आई. क्योंकि जिस प्लेटफॉर्म पर ड्रिलिंग मशीन टिकी हुई है, उसमें दरारें दिखने के बाद ड्रिलिंग रोकने का काम किया. बुधवार देर रात ऑगर मशीन के रास्ते में आए लोहे के गर्डर को काटने में छह घंटे की देरी के बाद कल ऑपरेशन फिर से शुरू किया गया. इसके कुछ घंटे पश्चात राहत बचाव कार्य में फिर से बाधा उत्पन्न होने की खबर आई. आपको बता दें कि उत्तराखंड के चार धाम मार्ग में निर्माणाधीन सुरंग का एक हिस्सा ढह जाने के बाद 12 नवंबर को यानी दिवाली के दिन से यहां राहत बचाव कार्य जारी है. विभिन्न एजेंसियां इसमें लगी हुई है. बचाव अभियान शुरू होने के बाद से यह तीसरी बार है कि ड्रिलिंग कार्य रोकाने की जरूरत पड़ी.

अगले कुछ घंटों में ऑपरेशन होगा सफल

इधर दिल्ली में, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने राहत बचाव को लेकर कहा कि मुझे उम्मीद है कि अगले कुछ घंटों में या शुक्रवार तक हम इस ऑपरेशन में सफलता प्राप्त कर लेंगे. वहीं मौके पर मौजूद प्रधानमंत्री कार्यालय के पूर्व सलाहकार भास्कर खुल्बे ने बताया कि मलबे में अमेरिकी ऑगर मशीन से की जा रही ड्रिलिंग के दौरान लोहे के सरिये की वजह से दिक्कत आई जिसे गैस कटर के माध्यम से काट दिया गया.

Also Read: उत्तरकाशी रेस्क्यू ऑपरेशन आखिरी चरण में, ऑगर मशीन में खराबी की वजह से ड्रिलिंग का काम रूका

आगे का क्या है प्लान

जो खबर सामने आ रही है उसके अनुसार, एक बार पाइप मलबे के दूसरी ओर पहुंच जानें के बाद एनडीआरएफ के जवान उसमें जाकर श्रमिकों को एक-एक कर बाहर लाएंगे जिसके लिए पूर्वाभ्यास किया जा चुका है. श्रमिकों को पहिए लगे कम ऊंचाई के स्ट्रेचर पर लिटाकर रस्सियों की सहायता से बाहर निकालने का काम किया जाएगा. सुरंग के अंदर फंसे श्रमिकों को ऑक्सीजन, भोजन, पानी, दवाइयां तथा अन्य सामान डाली गयी पाइपलाइन के जरिए लगातार भेजा जा रहा है.

Also Read: उत्तराखंड: उत्तरकाशी में 41 जिंदगियों को बचाने की जद्दोजहद जारी, रेस्क्यू के लिए तीन फ्रंट पर हो रही है खुदाई

इस बीच श्रमिकों के परिवार के लोग अपनों के बाहर आने का इंतजार कर रहे हैं. पूरे देश में लोग श्रमिकों के सुरंग से सुरक्षित बाहर आने के लिए दुआ मांग रहे हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >