URANIUM: देश में यूरेनियम ऑक्साइड के संसाधनों में हुआ इजाफा

भारत में यूरेनियम संसाधनों की पहचान और दोहन, देश के "स्वदेशी परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम" को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टिकोण के लिहाज से यह खोज अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

देश में यूरेनियम जैसे रणनीतिक खनिज संसाधनों की खोज और मूल्यांकन के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता मिली है. परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय (एएमडी) ने देश के विभिन्न हिस्सों में 4,33,800 टन यूरेनियम ऑक्साइड (U₃O₈) का इन-सीटू भंडार स्थापित किया है. एएमडी द्वारा अब तक आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, झारखंड, मेघालय, राजस्थान, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र सहित 12 राज्यों में  47 यूरेनियम भंडारों की पहचान की जा चुकी है. 

गौरतलब है कि एएमडी को देश में यूरेनियम, थोरियम, लिथियम, ज़िरकोनियम, टैंटलम, नियोबियम, टाइटेनियम और दुर्लभ मृदा खनिजों की खोज और मूल्यांकन की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके तहत संभावित भूवैज्ञानिक क्षेत्रों में लगातार अन्वेषण और सर्वेक्षण का काम किया जा रहा है.

जादूगोड़ा में मिला नया यूरेनियम भंडार

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में स्थित जादूगोड़ा क्षेत्र में एक नया यूरेनियम भंडार मिला है. एएमडी ने जादूगोड़ा उत्तर-बगलसाई-मेचुआ क्षेत्र में 26,437 टन यूरेनियम ऑक्साइड का इन-सीटू भंडार स्थापित किया है. यह क्षेत्र जादूगोड़ा मुख्य खनिज क्षेत्र के उत्तर में जादूगोड़ा और भाटिन खदान के बीच स्थित है. 

यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) द्वारा जादूगोड़ा यूरेनियम खदान का संचालन वर्ष 1967 से किया जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस नए भंडार की खोज से खनन क्षेत्र की आयु में काफी वृद्धि होने की संभावना है. विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में यूरेनियम संसाधनों की पहचान और दोहन, देश के “स्वदेशी परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम” को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टिकोण के लिहाज से यह खोज अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

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By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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