Union Cabinet: मोदी सरकार ने देश में 3 सेमीकंडक्टर संयंत्र लगाने को मंजूरी दी, 100 दिनों में शुरू होगा निर्माण

Union Cabinet: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, आज प्रधानमंत्री ने देश में सेमीकंडक्टर फैब स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है.

Union Cabinet: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्र सरकार ने गुरुवार को देश में तीन सेमीकंडक्टर संयंत्र लगाने को मंजूरी दे दी है. इनका निर्माण अगले 100 दिनों में शुरू होगा. टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट गुजरात में ताइवान की पावरचिप सेमीकंडक्टर मैन्यूफैक्चरिंग कॉर्प के साथ मिलकर एक सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र लगाएगी. टाटा सेमीकंडक्टर एसेंबली एंड टेस्ट प्राइवेट लि असम के मोरीगांव में 27,000 करोड़ रुपये के निवेश से सेमीकंडक्टर संयंत्र लगाएगी. सीजी पावर जापान की रेनेसस इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्प और थाईलैंड की स्टार्स माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स के साथ मिलकर गुजरात में एक सेमीकंडक्टर संयंत्र लगाएगी.

Union Cabinet: अश्विनी वैष्णव ने सेमीकंडक्टर फैब की स्थापना को मंजूरी देने को बताया ऐतिहासिक

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, आज प्रधानमंत्री ने देश में सेमीकंडक्टर फैब स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. सेमीकंडक्टर फैब का अप्रूवल देश के लिए बहुत बड़ा निर्णायक मोड़ है और आत्मनिर्भर भारत बनाने का जो संकल्प लिया प्रधानमंत्री मोदी जी ने उसकी सबसे बड़ी सिद्धि है.

धोलेरा स्पेशल इंडस्ट्रियल रीजन के अंदर बनेगी पहली सेमीकंडक्टर फैब

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, पहला वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर फैब टाटा और पावरचिप-ताइवान द्वारा स्थापित किया जाएगा, जिसका प्लांट धोलेरा में होगा. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, तीनों इकाइयों का निर्माण अगले 100 दिनों के भीतर शुरू हो जाएगा. प्रति माह 50,000 वेफर का निर्माण किया जाएगा. इस सुविधा के माध्यम से सालाना 300 करोड़ चिप्स का निर्माण किया जाएगा. पूर्वोत्तर को अपनी पहली सेमीकंडक्टर इकाई असम में मिलेगी. यहां से प्रति दिन 48 मिलियन चिप्स का निर्माण किया जाएगा. तीनों इकाइयों में संचयी निवेश एक लाख छब्बीस हजार करोड़ होगा. ब्रेकडाउन यह है कि एफएबी में निवेश 91,000 करोड़ होगा. असम इकाई में निवेश 27,000 करोड़ होगा. निवेश साणंद इकाई में 7,600 करोड़ रुपये लगेंगे.

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Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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