वंदे भारत मिशन के तहत शनिवार को भी विदेश से भारतीयों का आगमन होगा. आज चार विमान विदेशों से भारतीयों को स्वदेश लाएंगे. ये चारो विमान क्रमश: ढाका से दिल्ली, कुवैत से हैदराबाद , मस्कट से कोचिन और शारजाह से लखनऊ पहुंचेंगे. आज सबसे पहला विमान ढाका से 3 बजे पहुंचेगा. इसके बाद 6: 30 बजे कुवैत का विमान लैंड करेगा. रात के 8:50 बजे मस्कट से विमान पहुंचेगा जबकि शारजाह से भी विमान 8:50 बजे रात को ही भारत पहुंचेगा. आपको बता दें कि कोरोना वायरस के संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने भारत में लॉकडाउन की घोषणा की है. यह लॉकडाउन का तीसरा चरण है जो 17 मई तक जारी रहेगा. इस लॉकडाउन के बीच सरकार अपने देश के लोगों को भारत लाने का काम कर रही है.
15 मई से वंदे भारत मिशन का विस्तार
भारत वंदे भारत मिशन के दूसरे चरण के तहत 15 मई से मध्य एशिया के साथ ही विभिन्न यूरोपीय देशों में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाएगा. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि भारत अगले सप्ताह अपने इस मिशन का विस्तार करेगा ताकि कजाकस्तान, उज्बेकिस्तान, रूस, जर्मनी, स्पेन और थाईलैंड सहित विभिन्न देशों में फंसे भारतीयों को वापस लाया जा सके. सूत्रों ने कहा कि शुक्रवार की शाम तक कुल 67,833 भारतीय वापसी के लिए सरकारी मापदंड के तहत पात्र पाए गए. उन्होंने वंदे भारत मिशन के तहत उड़ान से निकासी के लिए पंजीकरण कराया है. मालदीव में लगभग 27,000 में से लगभग 4,500 भारतीयों ने वापस आने की इच्छा व्यक्त की है.
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आईएनएस जलाश्व और आईएनएस मगर से वापस लाया जाएगा
सूत्रों ने बताया कि 1,800-2,000 भारतीयों को दो पोतों- आईएनएस जलाश्व और आईएनएस मगर से वापस लाया जाएगा. दोनों पोतों की कुल चार यात्राएं होंगी. सूत्रों ने बताया कि भारतीय नौसेना का पोत आईएनएस जलाश्व लगभग 700 लोगों के साथ शुक्रवार दोपहर माले से कोच्चि के लिए रवाना हुआ. वापसी के लिए सरकार की नीति के अनुसार, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, छात्रों और निर्वासन का सामना जैसे “अत्यावश्यक कारणों” की स्थिति में भारतीयों को वापस लाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि मिशन के पहले चरण में सात मई से 15 मई के बीच 12 देशों से लगभग 15,000 लोगों की वापसी होगी. इसके लिए 64 उड़ानों का संचालन होगा.
