Vishvas Sarang : मध्य प्रदेश विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल पास होने के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, बिल पारित होने पर मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि अब राज्य में महिलाओं को अत्याचार और उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि कोई भी पुरुष चार बार शादी नहीं कर सकेगा और 'हलाला' जैसी पुरानी तथा गलत प्रथाओं पर रोक लगेगी. राज्य सरकार का दावा है कि इस कानून से सभी नागरिकों के लिए समानता और एकरूपता सुनिश्चित होगी.
पुराने विवादों से जुड़ा UCC का मुद्दा
देश में समान नागरिक संहिता की मांग कई दशकों से उठती रही है. तीन तलाक को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले और केंद्र सरकार द्वारा कानून बनाने के बाद UCC का मुद्दा और तेज हो गया था. उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना, जिसने UCC लागू किया. अब मध्य प्रदेश ने भी इस दिशा में कदम उठाते हुए महिलाओं के अधिकारों और समान कानून की बात को आगे बढ़ाया है.
सरकार और विपक्ष आमने-सामने
मध्य प्रदेश सरकार का कहना है कि UCC किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी नागरिकों को समान अधिकार देने वाला कानून है. वहीं विपक्ष का आरोप है कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर सभी पक्षों से व्यापक चर्चा और सहमति जरूरी है. हालांकि, बीजेपी इसे महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुधार की दिशा में ऐतिहासिक फैसला बता रही है.
अब आगे क्या होगा?
विधानसभा से बिल पास होने के बाद अब आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी. यदि यह कानून लागू होता है तो विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और पारिवारिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान नियम लागू होंगे. इस फैसले का असर सिर्फ मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश की राजनीति और अन्य राज्यों में भी देखने को मिल सकता है.
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