ट्विशा शर्मा मौत मामला: CBI रिमांड पर गिरिबाला और समर्थ सिंह, 2 जून तक एजेंसी करेगी पूछताछ

Twisha Sharma Death Case: Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा मौत मामले में पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को कोर्ट ने पांच दिनों की सीबीआई रिमांड पर भेजा है.

Twisha Sharma Death Case: भोपाल जिला कोर्ट ने पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और आरोपी समर्थ सिंह को 2 जून तक पांच दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है. विशेष न्यायाधीश शोभना भालवे ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को दोनों आरोपियों से आगे पूछताछ के लिए हिरासत में रखने की अनुमति दी है. सीबीआई अब अपनी चल रही जांच के तहत गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह से विस्तार से पूछताछ करेगी. शुक्रवार को एजेंसी ने अदालत से ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह की पांच दिन की रिमांड मांगी थी, साथ ही समर्थ सिंह की रिमांड अवधि बढ़ाने का भी अनुरोध किया था, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया.

गिरिबाला सिंह करे वकील ने नहीं जताई आपत्ति

गिरिबाला सिंह की पांच दिनों की रिमांड पर उनके वकील ने अदालत में कहा कि उन्हें सीबीआई की रिमांड मांग पर कोई आपत्ति नहीं है. इसके बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को 2 जून तक सीबीआई हिरासत में भेजने का आदेश दिया. इससे पहले गुरुवार (28 मई) को सीबीआई ने पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया था. यह गिरफ्तारी मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ओर से उनकी अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के एक दिन बाद हुई. हाई कोर्ट ने भोपाल के 10वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की ओर से 15 मई को दी गई राहत को खारिज कर दिया था.

दिसंबर 2025 में हुई थी ट्विशा शर्मा की शादी

उत्तर प्रदेश के नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल निवासी समर्थ सिंह से हुई थी. 12 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई थी. इसके बाद ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया कि उनके पति और ससुराल पक्ष द्वारा दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था.

भारतीय न्याय संहिता और दहेज निषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज

इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 और दहेज निषेध अधिनियम, 1961 के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. गिरिबाला सिंह पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2) के तहत दहेज हत्या, धारा 85 के तहत महिला के साथ क्रूरता और धारा 3(5) के तहत समान उद्देश्य से किए गए सामूहिक अपराध के आरोप लगाए गए हैं. उन पर दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है.

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Published by: Pritish sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.
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