Google Map : ‘गूगल मैप’ के सहारे जा रहे थे, कार घुस गई कुएं में

Google Map : केरल के कोच्चि में 15 फुट गहरे कुएं में कार गिर गई. इसके बाद चमत्कारिक ढंग से दंपति बच गई. वे ‘गूगल मैप’ का यूज कर रहे थे.

Google Map : यदि आप भी कहीं घूमने जाने के लिए ‘गूगल मैप’ का सहारा लेते हैं तो सावधान हो जाएं. ऐसा न हो कि आप खतरे में पड़ जाएं और आपकी जान चली जाए. दरअसल, कुछ इसी तरह की खबर केरल के कोच्चि से आ रही है. यहां जिले के पट्टीमैटम के पास एक दंपति की कार 15 फुट गहरे कुएं में गिर गई, हालांकि हादसे में चमत्कारिक ढंग से वे बच गए.

पट्टीमैटम अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने मामले को लेकर जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि सड़क पर एक गड्ढा था लेकिन दंपति को उसके बारे में पता नहीं था. जब कार वहां से गुजरी तो उन्होंने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया. इसके बाद कार पास दुकान की जा टकराई और फिर करीब के कुएं में गिर गई. शुक्रवार रात 9 बजे के बाद यह हादसा हुआ.

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‘गूगल मैप’ का इस्तेमाल कर रही थी दंपति

अधिकारी की ओर से जो जानकारी दी गई वो चौंकाने वाली थी. उन्होंने बताया कि कार की रफ्तार तेज रही होगी और दंपति शायद ‘गूगल मैप’ का इस्तेमाल कर रहे थे क्योंकि जब कार को कुएं से बाहर निकाला गया तो उनके फोन पर ‘गूगल मैप’ ऐप चल रहा था. चूंकि कुएं में पानी कम था इसलिए दंपति कार के पिछले दरवाजे से सुरक्षित बाहर निकल पाए तथा मदद पहुंचने तक वे कुएं के अंदर ही खड़े रहे. यदि कुआं पानी से भरा होता तो स्थिति अलग हो सकती थी. कुएं के अंदर सीढ़ी लगाकर दंपति को बाहर निकाला गया. दंपति को मामूली खरोंच आई है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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