भारतीय वैज्ञानिकों की बड़ी सफलता, कोविड- 19 से लड़ने के लिए किया इस खास तकनीक का आविष्कार

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के वैज्ञानिकों ने ऑक्सीजन संवर्धन इकाई विकसित करने में सफलता हासिल की है

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के वैज्ञानिकों ने ऑक्सीजन संवर्धन इकाई विकसित करने में सफलता हासिल की है, जिसका उपयोग घरों, अस्पतालों और दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में भी किया जा सकता है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 महामारी के समय में यह इकाई बेहद अहम साबित हो सकती है.

उन्होंने कहा कि यह इकाई ऑक्सीजन सिलेंडर और वेंटिलेटर की मांग में कमी लाने में सहायता कर सकती है. हर्षवर्धन ने ट्वीट किया, ” पुणे के सीएसआईआर- राष्ट्रीय रसायन प्रयोगशाला के वैज्ञानिकों ने ऑक्सीजन संवर्धन इकाई तैयार की है जोकि घरों, अस्पतालों और दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरत के समय में इस्तेमाल की जा सकती है.

यह कोविड-19 के समय में काफी अहम साबित हो सकती है. ” उन्होंने कहा, ”इसकी एक सबसे बड़ी खासियत है कि इसके लिए ऑक्सीजन सिलेंडर की आवश्यकता नहीं होती. अगर कोविड-19 के मरीज को शुरुआत में ऑक्सीजन मिल जाए तो बाद में वेंटिलेंटर की आवश्यकता नहीं पड़ती. ” गौरतलब है कि विश्व में अभी तक कोविड- 19 से लड़ने के लिए वैक्सीन नहीं बन पाया है लेकिन अगल अलग वैक्सीन का ट्रायल कई चरणों पर चल रहा है.

भारत में भी को वैक्सीन नामक एक कोरोना वैक्सीन को ट्रायल की अनुमति मिल चुकी है. भारतीय औषधि महानियंत्रक यानी डीसीजीआई ने मानव पर इसकी परीक्षण की अनुमति दे दी है. देश में अगले महीने से इस टीके का पहले और दूसरे चरण का परीक्षण शुरू होगा. भारत में इस वैक्सीन का निर्माण करने वाली ये कंपनी भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद यानी कि (ICMR ) और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के सहयोग से इस कार्य को सफल रूप देने में लगे हैं.

Posted By : sameer oraon

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