देश की पहली महिला नागरिक सविता कोविंद ने बनाया फेस मास्क, साथ मिलकर कोरोना से लड़ने का दिया संदेश

कोरोना वायरस से बचने के लिए देश की पहली महिला नागरिक सविता कोविंद ने भी फेस मास्क बनाकर योगदान दिया है.

कोरोना वायरस के संक्रमण से पिछले 24 घंटों के दौरान 49 लोगों की मौत हो गयी है और इस दौरान संक्रमण के 1486 नये मामले सामने आये हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी.

कोरोना वायरस से बचने के लिए देश की पहली महिला नागरिक सविता कोविंद ने भी फेस मास्क बनाकर योगदान दिया है. प्रेसिडेंट एस्टेट की शक्ति हाट में उन्होंने मास्क सिलकर यही संदेश देने की कोशिश की है कि वैश्विकर और राष्ट्रीय चुनौती का सामान मिलकर ही किया जा सकता है. दिल्ली शहरी आश्रय विकास बोर्ड की ओर से चलने वाले आश्रय गृहों में शक्ति हाट से भी मास्क की आपूर्ति की जाती है.

पंजाब में भी एक 98 वर्षीय बुजुर्ग महिला गुरदेव कौर सिलाई मशीन लेकर फेस मास्क बना रही है. मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भी एक वीडियो साझा की है. जिसमें यह कह रही हैं कि वो फेस मास्क बनाती हैं और खुद ही गरीब-जरूरतमंद लोगों के बीच इसे बांटती हैं.

कोरोना वायरस के संक्रमण से पिछले 24 घंटों के दौरान 49 लोगों की मौत हो गयी है और इस दौरान संक्रमण के 1486 नये मामले सामने आये हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी.

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार देश में कोरोना से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 20471 हो गयी है. हालांकि, उपचार के बाद स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़कर 3959 हो गयी है. यह आंकड़ा संक्रमण की चपेट में आये मरीजों का 19.34 प्रतिशत है. इस बीच कोरोना के खिलाफ देशव्यापी अभियान में अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं के रूप में कार्यरत चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए एक अध्यादेश जारी करने और इसके लिये महामारी अधिनियम 1897 में संशोधन करने के मंत्रालय के प्रस्ताव को केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी.

डब्ल्यूएचओ की मानें तो सोशल डिसटेंसिंग, आस-पास को सेनिटाइज करना और मास्क पहनना ही इसका उपचार है. देश में फिलहाल, लॉकडाउन भी जारी है, बावजूद इसके लोग मान नहीं रहे है. मास्क पहनने में भी कोताही बरत रहे हैं. आज हम आपको बताने वाले मास्क पहनने में आप कहां कर रहे हैं भूल और कोरोना को दे रहे है दावत…

आपको बता दें कि मास्क सिर्फ आपको कोरोना से ही नहीं बल्कि अन्य घातक जीवाणुओं से भी बचाने का काम करता है. भारत में आपने जैन धर्म के लोगों को भी मास्क पहनते देखा होगा. दरअसल, इसे सदियों से उपयोग में लाया जाता रहा है.

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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