जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के केल्लम इलाके में शुक्रवार ( 31 जून ) को आतंकियों ने छत्तीसगढ़ के दो गैर-स्थानीय मजदूरों पर गोलीबारी कर दी. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, दोनों मजदूर ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. हमले में दीपक नाम के मजदूर की मौत हो गई, जबकि उनके साथी भूपिंदर कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी सर्जरी चल रही है.
TRF ने ली हमले की जिम्मेदारी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. घटना के बाद आतंकी मौके से फरार हो गए. सुरक्षा बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है, ताकि हमलावरों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके.
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा की. उन्होंने डीजीपी नलिन प्रभात और अन्य वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से बात कर आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज करने और उन्हें जल्द से जल्द ढेर करने के निर्देश दिए. इससे पहले पिछले सप्ताह अनंतनाग में भी एक पुलिसकर्मी आतंकियों के हमले में शहीद हो गया था.
लगातार गैर-स्थानीय और आम नागरिक बन रहे निशाना
पिछले दो वर्षों में जम्मू-कश्मीर में गैर-स्थानीय मजदूरों, श्रद्धालुओं और आम नागरिकों पर कई आतंकी हमले हुए हैं. फरवरी 2024 में श्रीनगर में पंजाब के दो मजदूरों की हत्या, जून 2024 में रियासी में श्रद्धालुओं की बस पर हमला, अक्टूबर 2024 में गांदरबल के गगनगीर में छह मजदूरों और एक डॉक्टर की हत्या तथा 2025 में पहलगाम में 26 लोगों की मौत ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे. कुलगाम का ताजा हमला एक बार फिर यह संकेत देता है कि आतंकी आम नागरिकों को निशाना बनाकर घाटी में दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.
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