तेलंगाना की वन एवं बंदोबस्ती मंत्री कोंडा सुरेखा की बेटी की मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और कांग्रेस के कुछ नेताओं पर की गई कथित टिप्पणियों के बाद विवाद बढ़ गया था. उनके बयान पर सत्तारूढ़ कांग्रेस के कई विधायकों और नेताओं ने नाराजगी जताई थी. मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने पार्टी नेतृत्व से सुरेखा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की. इसके बाद मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सुरेखा को मंत्रिपरिषद से हटाने का फैसला किया. इस फैसले के साथ ही तेलंगाना कांग्रेस में अंदरूनी विवाद और तेज हो गया है.
कुछ दिन पहले (28 अगस्त) रक्षाबंधन का त्योहार था. इस दिन कोंडा सुरेखा ने एक वीडियो और कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की थी. वीडियो शेयर करते हुए सुरेखा ने लिखा- राखी पूर्णिमा के मौके पर मंत्री सीताक्का के साथ मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से मिलने उनके आवास पहुंचीं. मुख्यमंत्री को राखी बांधी और उन्हें शुभकामनाएं दीं.
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उन्होंने कहा कि तेलंगाना की सरकार महिलाओं के कल्याण और उन्हें मजबूत बनाने को प्राथमिकता दे रही है. मंत्री ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का आभार जताते हुए कहा कि वह राज्य की हर बेटी के लिए बड़े भाई की तरह हैं. उन्होंने कामना की कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में तेलंगाना विकास के रास्ते पर लगातार आगे बढ़ता रहे. इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री के स्वस्थ और सफल कार्यकाल की भी शुभकामनाएं दीं.
कोंडा सुरेखा की बेटी सुष्मिता से शुरू हुआ विवाद
परकल में एक जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने लोगों से मौजूदा विधायक रेवुरी प्रकाश रेड्डी को पिछली बार से ज्यादा वोटों से जिताने की अपील की थी. इसके बाद कोंडा सुरेखा की बेटी सुष्मिता ने मुख्यमंत्री के इस समर्थन पर सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री परकल में विधायक के समर्थन में क्यों खड़े हो रहे हैं. सुष्मिता खुद भी अगले विधानसभा चुनाव में परकल सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुकी हैं.
