बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को दुष्कर्म का दोषी ठहराया है. अदालत ने निचली अदालत के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें उन्हें बरी किया गया था. गोवा पीठ ने कहा कि अब तरुण तेजपाल को क्या सजा दी जाएगी, इस पर फैसला गुरुवार (6 अगस्त) दोपहर में सुनाया जाएगा.
2013 के मामले में तरुण तेजपाल को दोषी ठहराया गया
पूर्व तहलका संपादक तरुण तेजपाल के खिलाफ मामला 2013 का है. उन पर एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया था कि 7 और 8 नवंबर 2013 को गोवा के एक होटल की लिफ्ट में उन्होंने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया. गोवा स्थित बॉम्बे हाईकोर्ट की पीठ ने 2013 के मामले में तरुण तेजपाल को दोषी ठहराया. यह मामला उनकी जूनियर महिला सहकर्मी की शिकायत पर दर्ज किया गया था. अदालत ने निचली अदालत के बरी करने के फैसले को पलटते हुए उन्हें दोषी करार दिया.
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तरुण तेजपाल ने अदालत से कहा, "मैं 62 साल का हूं और मानता हूं कि मैं खुद इस मामले का पीड़ित हूं. मेरी पत्नी है, इसके अलावा मेरे पास कहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है. मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि हम इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे. मैं अदालत से मेरे प्रति नरमी बरतने की अपील करता हूं. बाकी सभी तथ्य रिकॉर्ड में दर्ज हैं."
निचली अदालत का फैसला पलट दिया हाईकोर्ट ने
बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने यह फैसला गोवा सरकार की उस अपील पर सुनाया, जिसमें 2021 में गोवा की सत्र अदालत द्वारा तरुण तेजपाल को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई थी. हाईकोर्ट ने सरकार की अपील स्वीकार करते हुए निचली अदालत का फैसला पलट दिया.
