विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के महज 48 घंटे बाद भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और प्राइवेट पीए चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. पुलिस अब हर एंगल से जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं यह सुपारी देकर कराई गई हत्या तो नहीं. जांच टीम घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, जबकि हमलावरों को पकड़ने के लिए कई पुलिस टीमें बनाई गई हैं.
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बाइक सवार हमलावरों ने रथ की कार को रात करीब साढ़े 10 बजे डोलतला और मध्यमग्राम चौमाथा के बीच दोहरिया के पास रोका और वे गोलीबारी करने के बाद फरार हो गए. पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्धनाथ गुप्ता और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने रात में घटनास्थल का दौरा किया.
हमलावरों ने की करीब 6 से 10 राउंड फायरिंग
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और कई सुरागों पर काम किया जा रहा है. 42 साल के चंद्रनाथ रथ कोलकाता से अपने मध्यमग्राम स्थित घर लौट रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ. इस हमले में कार चला रहे बुद्धदेव बेरा भी गोली लगने से घायल हो गए, जिनका कोलकाता के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है. पुलिस का कहना है कि हमलावरों ने घटना के दौरान करीब 6 से 10 राउंड फायरिंग की होगी. हमलावरों ने पहचान छिपाने के लिए कथित तौर पर हेलमेट पहन रखे थे और वे बिना नंबर प्लेट वाली बाइक पर सवार थे. पुलिस अधिकारी के मुताबिक, शुरुआती फॉरेंसिक जांच में अंदेशा है कि हमलावरों ने वारदात को अंजाम देने के लिए ‘ग्लॉक 47 एक्स’ पिस्तौल का इस्तेमाल किया था.
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बेहद करीब से मारी गई गोली
पश्चिम बंगाल पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा कि आम अपराधी इस तरह का हथियार सामान्यत: इस्तेमाल नहीं करते. हम जांच कर रहे हैं कि क्या इसमें पेशेवर शूटर शामिल थे. शुरुआती जांच में पता चला है कि चार बाइक सवार संदिग्ध हमलावरों ने पहले चंद्रनाथ रथ की गाड़ी को रोका, फिर बेहद करीब से उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं.