नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) के एक कथित सदस्य अरीब एजाज मजीद को जमानत देने के बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देनेवाली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआई) द्वारा दायर याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया.
मालूम हो कि मुंबई के उपनगर कल्याण निवासी 27 वर्षीय मजीद को एनआईए ने नवंबर 2014 में गिरफ्तार किया था. एनआईए ने आईएसआईएस का सक्रिय सदस्य होने, इराक व सीरिया में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के बाद भारत लौटने और मुंबई पुलिस मुख्यालय उड़ाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है.
एनआईए के मुताबिक, आरोपित मजीद कल्याण के कुछ स्थानीय लोगों को भी तीर्थ यात्रा पर इराक ले गया था. हालांकि, वे तीर्थ स्थलों पर नहीं गये, बल्कि आईएसआईएस की आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के लिए गये थे.
करीब छह साल से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने उसे कड़ी शर्तों के साथ जमानत दे दी थी. उसके बाद वह जेल से बाहर आ गया. अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि मामले की सुनवाई जब धीमी गति से चल रही हो, तो आरोपित को जेल में बंद नहीं रखा जा सकता.
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, एनआईए ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ चुनौती दी थी. लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देनेवाली एनआईए की याचिका पर विचार करने से शुक्रवार को इनकार कर दिया.
