Sukhbir Singh Badal Video : जूठे बर्तन और जूता साफ क्यों कर रहे हैं सुखबीर सिंह बादल? किसने दी कठोर सजा

Sukhbir Singh Badal Video: शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को सजा दी गई. इसके बाद वे बर्तन और जूते साफ करने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर पहुंचे. देखें वीडियो.

Sukhbir Singh Badal Video: शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ट्रेंड कर रहे हैं. उन्होंने राम रहीम को माफी देने की गलती कबूली है. श्री अकाल तख्त साहिब ने दोष कबूल करने पर उन्हें सजा (तनखाह) दी. सजा मिलने के बाद मंगलवार को वे अमृतसर के स्वर्ण मंदिर पहुंचे. धार्मिक सजा के बाद गले में पट्टिका लटकाकर वे स्वर्ण मंदिर पहुंचे, जिसका वीडियो न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है. सजा में स्वर्ण मंदिर में ‘सेवादार’ के रूप में काम करने को कहा गया है. जूठे बर्तन और जूते साफ करने का निर्देश भी उनको मिला है. अकाल तख्त ने 2007 से 2017 तक पंजाब में शिरोमणि अकाली दल और उसकी सरकार द्वारा की गई ‘गलतियों’ का हवाला देते हुए उन्हें यह सजा सुनाई. देखें वीडियो

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पूर्व सांसद सुखदेव सिंह ढींडसा ने कहा, ”सेवा का निर्देश मेरे लिए आदेश है. यह सर्वशक्तिमान का आदेश है जो अकाल तख्त ने मेरे लिए सुनाया है. मैं गेट पर बैठूंगा, मैं लंगर में भी अपनी सेवाएं दूंगा.”

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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