अहमदाबाद: ज्वेलरी निर्माता कंपनी तनिष्क द्वारा जारी एक विज्ञापन पर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. लोग विज्ञापन और कंपनी का लगातार विरोध कर रहे हैं. इसी बीच गुजरात से खबर आई की यहां गुस्साए लोगों ने तनिष्क के शोरूम में तोड़फोड़ की.
सोशल मीडिया में ये खबर बहुत तेजी से वायरल हुई. कई मीडिया चैनलों में भी ये खबर चलाई गई. अब गुजरात पुलिस और खुद शोरूम के ऑनर ने तनिष्क शोरूम में तोड़फोड़ या मारपीट की घटना से इंकार किया है.
पुलिस अधीक्षक का तोड़फोड़ की घटना से इंकार
पूर्वी कच्छ के पुलिस अधीक्षक मयूर पाटिल ने बताया कि घटना 12 अक्टूबर की है. इस दिन गांधीगाम में तनिष्ख के शोरूम में दो लोग आए. ऑनर तथा कर्मचारियों से गुजराती में माफी मांगने को कहा. ऑनर ने ऐसा ही किया. शोरूम के दरवाजे पर गुजराती भाषा में माफीनामा लिखकर चिपका दिया. इस माफीनामें में गुजराती भाषा में लिखा था, ‘हम तनिष्क के शर्मनाक विज्ञापन पर कच्छ के हिंदू समुदाय से माफी मांगते हैं.’
पुलिस अधीक्षक मयूर पाटिल के मुताबिक ऑनर ने माफी मांग ली थी लेकिन उन्हें कच्छ से लगातार धमकी भरे फोन आ रहे थे. स्टोर पर हमले की खबरें झूठी हैं. स्थानीय लोगों ने भी तोड़फोड़ या मारपीट की किसी भी घटना से साफ इंकार किया है.
जानें लीजिए क्या था तनिष्क के उस विज्ञापन में
दरअसल, तनिष्क ज्वेलरी ने अपने ज्वेलरी संग्रह एकत्वम को बढ़ावा देने के लिए एक विज्ञापन बनाया था. विज्ञापन में एक समुदाय की महिला को दूसरे समुदाय की बहू के तौर पर दिखाया गया है. विज्ञापन में गर्भवती महिला अपनी सास से कहती है कि आपके यहां ये रस्म तो नहीं होती ना. इसके जवाब में महिला की सास कहती हैं कि बेटियों को खुश रखने की परंपरा प्रत्येक घर में होती है. विज्ञापन में गोद-भराई की रस्म दिखाई गई है.
सोशल मीडिया पर हो रही तनिष्क बायकॉट की मांग
विज्ञापन प्रसारित होने के बाद ही इसका जमकर विरोध होने लगा. लोगों ने सोशल मीडिया में इस विज्ञापन का विरोध किया और इसे वापस लेने की मांग की. सोशल मीडिया में बायकॉट तनिष्क हैशटेग ट्रैंड करने लगा. इस बीच अलग-अलग लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं.
कुछ लोगों का कहना है कि ये प्रेम और एकता को बढ़ावा देने वाला विज्ञापन है तो वहीं कुछ लोग विज्ञापन पर लव जिहाद को प्रमोट करने का आरोप लगा रहे हैं.
Posted By- Suraj Thakur
