दिल्ली में आवारा कुत्तों का आतंक, एक ही परिवार के दो मासूमों को नोच-नोचकर मार डाला

stray dog attack 7 साल के बच्चे को दो दिन पहले आवारा कुत्तों ने अपना शिकार बनाया. उसके बाद 5 साल के सगे भाई को रविवार को नोचकर मार डाला. पुलिस ने दोनों मासूम के शव को पोर्स्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

दिल्ली में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है. वसंत कुंज से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है. जिसमें आवारा कुत्तों ने एक ही परिवार के दो मासूमों को अपना शिकार बना डाला. बताया जा रहा है, 6 से 7 आवारा कुत्तों ने 5 और 7 साल के नन्हे बच्चे को नोच-नोचकर मार डाला.

बड़े भाई को कुत्तों ने दो दिन पहले बनाया शिकार

बताया जा रहा है 7 साल के बच्चे को दो दिन पहले आवारा कुत्तों ने अपना शिकार बनाया. उसके बाद 5 साल के सगे भाई को रविवार को नोचकर मार डाला. पुलिस ने दोनों मासूम के शव को पोर्स्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

10 मार्च से लापता था 7 साल का मासूम

दिल्ली पुलिस ने बताया, वसंत कुंज क्षेत्र में 2 अलग-अलग घटनाओं में आवारा कुत्तों के हमले में 7 और 5 साल की उम्र के 2 मासूमों की कथित तौर पर मौत हो गई. 7 साल का बच्चा 10 मार्च को लापता हो गया था और उसका शव बाद में जानवरों के काटने जैसी चोटों के साथ बरामद किया गया.

शौच के लिए गया था छोटा भाई, आवारा कुत्तों ने बनाया अपना शिकार

पुलिस अधिकारियों के अनुसार सुषमा नाम की महिला अपने बच्चों के साथ वसंत कुंज इलाके में रहती थी. उसका बड़ा बेटा आनंद जो 7 साल का था, 10 मार्च से लापता था. वह अपने ताई के घर खाने के लिए गया था. लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा. बाद में पुलिस को इसकी जानकारी दी गयी. बाद में पुलिस ने खून से सने हालत में बच्चे के शव को बरामद किया.

हैदराबाद में भी मासूम को आवारा कुत्तों ने बनाया था शिकार

हैदराबाद से भी कुछ दिनों पहले भी ऐसी ही दिल दहला देने वाली खबर सामने आयी थी. जिसमें कुत्तों के झुंड ने पांच साल के मासूम को अपना शिकार बनाया था. कुत्तों ने मासूम बच्चे को नोच-नोचकर मार डाला था. पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गयी थी. बता दें बच्चे अपने पिता के साथ काम पर गया था. बच्चे के पिता सुरक्षा गार्ड का काम करते थे.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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