ओडिशा के जगन्नाथ मंदिर में अब ऐसी ड्रेस पहन कर आने वालों को नहीं मिलेगी एंट्री

ओडिशा के पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में अब कुछ खास तरह के ड्रेस में आने वाले श्रद्धालुओं के मंदिर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. नियम लागू होने के बाद 2024 के पहले दिन सोमवार को मंदिर में आने वाले पुरुष श्रद्धालुओं को धोती और तौलिया पहने हुए देखा गया, तो महिलाएं साड़ी या सलवार-कमीज में नजर आईं.

ओडिशा के पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में अब कुछ खास तरह के ड्रेस में आने वाले श्रद्धालुओं के मंदिर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. मंदिर प्रशासन ने कहा है कि 12वीं सदी के इस धार्मिक स्थल में निकर, फटी जींस, स्कर्ट और बिना आस्तीन वाले कपड़े पहनकर आने वाले श्रद्धालुओं के प्रवेश करने पर रोक लगा दी गई है. उनके लिए ‘ड्रेस कोड’ भी अनिवार्य कर दिया है. इतना ही नहीं, मंदिर प्रशासन ने नव वर्ष (Happy New Year) से मंदिर परिसर में गुटखा और पान खाने तथा प्लास्टिक और पॉलिथीन का इस्तेमाल करने पर भी पूरी तरह से रोक लगा दिया है. श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के एक अधिकारी ने सोमवार (एक जनवरी) को बताया कि श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश करने के लिए ‘शालीन वस्त्र’ पहनने होंगे. उन्होंने बताया कि अगर कोई श्रद्धालु हाफ पैंट, निकर, स्कर्ट, फटी हुई जींस या बिना आस्तीन के कपड़े पहनकर आता है, तो ऐसे लोगों को मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

पुरुषों ने पहना धोती-तौलिया, महिलाओं ने पहनी साड़ी

मंदिर प्रशासन की ओर से इस नियम की घोषणा पहले भी की गई थी. इस नियम के लागू होने के बाद वर्ष 2024 के पहले दिन सोमवार को मंदिर में आने वाले पुरुष श्रद्धालुओं को धोती और तौलिया पहने हुए देखा गया, तो महिलाएं साड़ी या सलवार-कमीज में नजर आईं. अधिकारी ने बताया कि मंदिर की पवित्रता बनाए रखने के लिए मंदिर परिसर में गुटखा और पान खाने पर प्रतिबंध लगाया गया है. इसका उल्लंघन करने वाले लोगों पर जुर्माना लगाया जा रहा है.

देर रात फिर से खोले गये जगन्नाथ मंदिर के कपाट

इस बीच, नए साल के पहले दिन भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने के लिए ओडिशा के पुरी में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा. मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोले गए, जो देर रात 1:40 बजे से ही ग्रांड रोड पर कतार में खड़े हो गए थे. पुरी पुलिस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि सोमवार को दोपहर 12 बजे तक 1,80,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने जगन्नाथ धाम के दर्शन किए. बिना किसी बाधा के दर्शन सुनिश्चित करने के साथ ही पुलिस दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए भी दर्शन की सुविधा सुनिश्चित कर रही है.

कुछ देर के लिए रोके गए थे दर्शन

एसजेटीए और पुलिस ने श्रद्धालुओं के सुचारु दर्शन के लिए व्यापक बंदोबस्त किए हैं. सेंट्रल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक आशीष कुमार सिंह ने कहा कि पिछले साल इसी दिन के मुकाबले लगभग दोगुने से ज्यादा श्रद्धालु आज मंदिर के दर्शन कर चुके हैं. देवताओं के दर्शन देर रात एक बजकर 40 मिनट पर शुरू हुए और अब भी चल रहे हैं. देवी-देवताओं से जुड़ी रस्में निभाने के लिए कुछ वक्त तक दर्शन रोक दिए गए थे.

पुरी शहर में नए साल पर लगी थी कुछ पाबंदियां

अधिकारियों ने बताया कि नव वर्ष पर शहर में यातायात संबंधी पाबंदियां लगाई गईं हैं. भुवनेश्वर के लिंगराज मंदिर में भी सोमवार से पान और तंबाकू उत्पादों के सेवन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. तंबाकू या पान चबाते पाए गए श्रद्धालुओं को 11वीं सदी के इस शिव मंदिर में प्रवेश करने नहीं दिया जा रहा है. मंदिर में पॉलिथीन और प्लास्टिक के इस्तेमाल पर भी रोक लगायी गयी है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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