सीजेपी ने देशभर के छात्रों से की 16 जुलाई को अनशन करने की अपील

सोनम वांगचुक का आमरण अनशन 18वें दिन भी जारी है. वे यह मांग कर रहे हैं कि शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए सरकार बातचीत करे, लेकिन अबतक सरकार की ओर से बातचीत की कोई पहल नहीं हुई है. इसी बीच काॅकरोच जनता पार्टी ने देश भर के छात्रों से सोनम वांगचुक के समर्थन में 16 जुलाई को एक दिन का अनशन करने की अपील की है.

Sonam Wangchuk Hunger Strike : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 18 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं. सीजेपी ने X पर पोस्ट कर देश भर के छात्रों से अपील की है कि 16 जुलाई को एक दिन की भूख हड़ताल करें. जिससे सरकार पर अतिरिक्त दबाव बनाया जा सके. उन्होंने कहा कि यह सामूहिक भूख हड़ताल सोनम वांगचुक के प्रति समर्थन का भी प्रतीक होगी.


केंद्र की ओर से बातचीत की कोई पहल नहीं : CJP

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मीडिया से बातचीत के दौरान भूख हड़ताल से जुड़ी जानकारी दी. बताया कि अब तक केंद्र सरकार की ओर से बातचीत को लेकर कोई भी कदम नहीं लिया गया है. वहीं आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल के साथ कई विपक्षी नेताओं ने सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की है. अभिजीत ने सोशल मीडिया के जरिए बताया, सोनम ने कहा है कि लोगों को उनसे अनशन तोड़ने की अपील करने की बजाय सरकार से बातचीत करने को लेकर दबाव बनाना चाहिए.

भूख हड़ताल पर बैठने के कारण

मेडिकल परीक्षा NEET 2026 में हुए पेपर लीक की घटना के कारण देश भर के अलग-अलग हिस्सों से करीब 20 छात्रों ने आत्महत्या कर ली. हालांकि दोबारा नीट की परीक्षा कराई गई, लेकिन एग्जाम सेंटर अपने पते पर न मिलना जैसी छिटपुट गड़बड़ियां फिर देखी गई. सोनम के आमरण अनशन पर बैठने का NEET परीक्षा में गड़बड़ी एकमात्र कारण नहीं है. इसके अलावा 2024 में यूजीसी नेट की परीक्षा के पेपर लीक हो गए थे. CBSE बोर्ड परीक्षा, यूपी टेट (2021), यूपी पुलिस कॉन्सटेबल (2024), UKSSSC (2025) की परीक्षा में भी पेपर लीक होने से छात्रों को परेशानी हुई. इंडिया टुडे की रिपोर्ट में छपे आंकड़े बताते हैं कि 2019 से 2024 तक 65 से अधिक पेपर लीक जैसी गड़बड़ियां हुई हैं; और ये परेशानी सिर्फ केंद्र की परीक्षाओं में ही नहीं बल्कि राज्यस्तरीय विभिन्न परीक्षाओं में घोटाले हुए. इसी शिक्षा व्यवस्था में सुधार और गड़बड़ियों की बवाबदेही की मांग करते हुए सीजेपी का धरना प्रजर्शन 26 दिनों व सोनम की भूख हड़ताल 18 दिनों से जारी है.

लद्दाख को छठे शेड्यूल में डालने की मांग

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का मुख्य मुद्दा परीक्षाओं में गड़बड़ियों की जवाबदेही लेते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग से जुड़ा है. लेकिन जिस मुद्दे को लेकर लद्दाख में सोनम ने 22 दिनों की भूख हड़ताल की थी. उसे भी सरकार ने अब तक पूरा नहीं किया. हालांकि मीडिया रिपोर्ट के हवाले से सोनम ने बताया कि सरकार ने इस मामले के समाधान के लिए सरकारी तंत्र ने बातचीत शुरू की थी. जिसका कोई सकारात्मक असर ग्राउंड लेवल पर अब तक नहीं देखा गया है.

लगातार सेहत में आ रही गिरावट

अभिजीत दीपके समेत सीजेपी के प्रवक्ताओं ने मीडिया से बातचीत और सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार सोनम की सेहत को लेकर जानकारी दी है. 15 जुलाई की बात करें तो उनका वजन 17 दिन की भूख हड़ताल के बाद 18वें दिन उनका वजन करीब 9 किलोग्राम कम हो गया है. वहीं उनका सुगर लेवल भी 60 से 65 के आसपास देखा जा रहा है. एक वीडियो, जिसे देखने के बाद देश भर से उनको लेकर लोगों की चिताएं सामने आने लगी, इसमें वे वजन चेक कराते वक्त खड़े नहीं रह पाए थे. कमजोरी उनके चेहरे पर साफ देखी जा सकती है.

अरविंद केजरीवाल जाएंगे जंतर-मंतर

14 जुलाई को अरविंद केजरीवाल ने वीडियो जारी कर बताया कि 16 जुलाई को धरना स्थल पर जाएंगे. इसके पहले संजय सिंह और आतिशी सहित कई आप नेता प्रदर्शन को अपना समर्थन जता चुके हैं.

ये भी पढ़ें : 18 दिन से अनशन पर सोनम वांगचुक को अखिलेश का खुला समर्थन, फोन कर की अनशन तोड़ने की अपील

ये भी पढ़ें : बागेश्वर धाम: भाई पर गोलीकांड का आरोप, धीरेंद्र शास्त्री बोले- उससे मेरा कोई संबंध नहीं


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >