श्रद्धा हत्याकांड के बारे में हम सभी जानते हैं. यह एक ऐसा मामला था जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था. बता दें श्रद्धा के लिव इन पार्टनर पर ही उसका गाला घोंटकर हत्या करने और फिर लाश के 35 टुकड़े कर महरौली के जंगल में फेकने का आरोप है. इसी मामले में आज कोर्ट ने कई समाचार चैनलों के लिए एडवाइजरी जारी की है. इस एडवाइजरी में कोर्ट चैनलों को एफआईआर से संबंधित किसी भी सामग्री का इस्तेमाल करने पार्ट रोक लगाने का आदेश दिया है.
तत्काल आदेश पारित नहीं तो आवेदन निष्फल
दिल्ली की एक कोर्ट ने आज श्रद्धा हत्याकांड मामले में एक समाचार चैनल पर, एफआईआर से संबंधित सामग्री का किसी भी रूप में इस्तेमाल करने से रोक लगा दी. एडिशनल सेशन जज राकेश कुमार सिंह की लिंक कोर्ट, समेत कई अन्य मीडिया चैनल को मामले में एफआईआर के संबंध में किसी भी सामग्री का प्रसारण नहीं करने का आदेश जारी करने के संबंध में दिल्ली पुलिस द्वारा दायर एक आवेदन पर सुनवाई कर रही थी. जज ने कहा- अगर तत्काल आदेश पारित नहीं किया गया तो आवेदन ही निष्फल हो जाएगा. इस कोर्ट का मानना है कि अगली तारीख तक कोई भी न्यूज चैनल एफआईआर से संबंधित किसी भी सामग्री का किसी भी रूप में इस्तेमाल न करे. विस्तृत सुनवाई के लिए मामले को 17 अप्रैल के लिए सूचीबद्ध किया गया.
अमित प्रसाद ने दी जानकारी
विशेष सरकारी वकील अमित प्रसाद ने मामले पर रौशनी डालते हुए बताये कि- दिल्ली पुलिस ने पहले विश्वसनीय सूचना पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. आगे बतात्ते हुए उन्होंने कहा कि- कई मीडिया हाउस में से एक ने नार्को टेस्ट और प्रैक्टो ऐप से जुड़ी ऑडियो-वीडियो प्रूफ तक पहुंच बना ली है. दिल्ली पुलिस ने आशंका जताई की आज इन्हीं सबूतों का प्रसारण किया जाने वाला है. (भाषा इनपुट के साथ)
