'श्रद्धा के शव के टुकड़े करने के बाद उसका चेहरा आफताब ने जला दिया', अब ये बात आयी सामने

Shraddha Murder Case : पुलिस की मानें तो, आफताब ने कथित तौर पर श्रद्धा का गला घोंट दिया और उसके शव के 35 टुकड़े कर दिये. श्रद्धा के शव को उसने दक्षिण दिल्ली के महरौली में अपने आवास पर लगभग तीन सप्ताह तक 300 लीटर के फ्रिज में रखा था.

Shraddha Murder Case : श्रद्धा हत्याकांड में जांच जारी है. मामले में रोज नये खुलासे हो रहे हैं. अब जो ताजा जानकारी सामने आ रही है वो चौंकाने वाली है. दिल्ली पुलिस सूत्र के हवाले से न्यूज एजेंसी एएनआई ने खबर दी है कि आरोपी आफताब ने पुलिस के सामने कबूल किया कि पहचान छिपाने के लिए उसने श्रद्धा के शव के टुकड़े करने के बाद उसका चेहरा जला दिया था. उसने यह भी कबूल किया कि उसने हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के तरीकों के लिए इंटरनेट पर खोज की थी.

आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस शव के टुकड़ों को फेंकने के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला का ‘नार्को टेस्ट’ कराना चाहती है. इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस को अभी कोर्ट से अनुमति नहीं मिली है. अबतक पुलिस ने विभिन्न क्षेत्रों से महिला के शव के 13 टुकड़े बरामद किर लिये हैं, जिन्हें डीएनए जांच के लिए भेजा जाएगा.


श्रद्धा की गला घोंटकर हत्या

पुलिस के अनुसार श्रद्धा वालकर महाराष्ट्र की रहने वाली थी और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आफताब अमीन पूनावाला के साथ रह रही थी. पुलिस की मानें तो, आफताब ने कथित तौर पर श्रद्धा का गला घोंट दिया और उसके शव के 35 टुकड़े कर दिये. श्रद्धा के शव को उसने दक्षिण दिल्ली के महरौली में अपने आवास पर लगभग तीन सप्ताह तक 300 लीटर के फ्रिज में रखा था. इसके बाद आफताब ने कई दिनों तक विभिन्न हिस्सों में शव के टुकड़े को फेंका.

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आफताब को मौत की सजा दी जाए

इधर न्यूज एजेंसी ANI से श्रद्धा के पिता विकास वॉकर ने कहा कि दिल्ली पुलिस को आभास हो गया था कि आफताब कभी झूठ बोलता है और कभी सच कहता दिखता है, इसलिए उन्होंने नार्को टेस्ट के लिए आवेदन किया है. श्रद्धा के पिता ने आगे कहा कि मुझे लग रहा है कि मुझे न्याय मिलने वाला है. यदि उसने अपराध किया है, तो उसे फांसी दी जानी चाहिए. मैं तब तक चैन से नहीं बैठने वाला हूं जब तक आफताब को मौत की सजा नहीं दी जाती.

श्रद्धा के पिता ने कहा कि मुझे हमेशा लगा कि वह झूठ बोल रहा है, मैंने मुंबई और दिल्ली पुलिस से कहा था. आफताब शातिर दिमाग का है. वो पिछले 5-6 महीने में सबूत मिटा चुका है. ऐसे में पुलिस को सच्चाई सामने लाने में थोड़ी दिक्कत होगी.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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