Shraddha Murder Case: आरोपी आफताब का सोमवार को होगा पॉलीग्राफी टेस्ट, नार्को विश्लेषण में हो सकती है देरी

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि चूंकि ये टेस्ट अभी पूरा नहीं हुआ है, इसलिए नार्को विश्लेषण कुछ और दिन के लिए स्थगित हो सकता है. एफएसएल, रोहिणी में अपराध दृश्य प्रबंधन विभाग के प्रमुख संजीव गुप्ता ने कहा, शेष पॉलीग्राफी सत्र सोमवार को आयोजित किए जाएंगे.

श्रद्धा वालकर हत्याकांड मामले में आरोपी आफताब अमीन पूनावाला के शेष पॉलीग्राफ टेस्ट सोमवार को होगा. इसकी जानकारी रोहिणी स्थित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) ने दी.

पूरा नहीं हो पाया आफताब का पॉलीग्राफ टेस्ट

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि चूंकि ये टेस्ट अभी पूरा नहीं हुआ है, इसलिए नार्को विश्लेषण कुछ और दिन के लिए स्थगित हो सकता है. एफएसएल, रोहिणी में अपराध दृश्य प्रबंधन विभाग के प्रमुख संजीव गुप्ता ने कहा, शेष पॉलीग्राफी सत्र सोमवार को आयोजित किए जाएंगे.

Also Read: Shraddha Murder Case: क्या हरियाणा में मिले शव का श्रद्धा मर्डर से है संबंध! जानिए कहां तक पहुंची जांच

नार्को टेस्ट में हो सकता है विलंब

आरोपी आफताब का दो बार पॉलीग्राफ टेस्ट कराया गया. जिसमें उसके सामने कई सवाल रखे गये. अब टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद उसका विश्लेषण किया जाएगा. उसके बाद नार्को टेस्ट का फैसला लिया जाएगा. इसलिए कहा जा रहा है कि आफताब के नार्को टेस्ट में विलंब हो सकती है. मालूम हो पिछले दिनों पहले कोर्ट ने आफताब के नार्को टेस्ट को मंजूरी दिया था.

Also Read: Shraddha Murder Case: क्या है लाई डिटेक्टर टेस्ट, कितना भरोसेमंद हैं नतीजे, जानें कैसे काम करती है यह

आफताब पूनावाला पर श्रद्धा की हत्या कर उसके शव के 35 टुकड़े कर फेंकना का आरोप

गौरतलब है कि पूनावाला ने वालकर (27) की कथित तौर गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने शव के 35 टुकड़े करके उन्हें करीब तीन सप्ताह तक दक्षिणी दिल्ली के महरौली में स्थित अपने घर में 300 लीटर के फ्रिज में रखे रखा और फिर एक-एक करके वे टुकड़े फेंकता रहा. पुलिस ने 12 नवंबर को पूनावाला को गिरफ्तार करके पुलिस हिरासत में भेज दिया था. 17 नवंबर को उसकी हिरासत पांच दिन के लिए बढ़ा दी गई. मंगलवार को उसे चार और दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था. शनिवार को दिल्ली की एक अदालत ने पूनावाला को 13 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >