Shraddha Murder Case: श्रद्धा के शव के 13 टुकड़े बरामद, नार्काे और DNA टेस्ट से आफताब पर कसेगा शिकंजा

श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी आफताब पूनावाला के नार्को टेस्ट की मंजूरी मिल गयी है. दिल्ली के साकेत कोर्ट ने आरोपी के नार्को टेस्ट के लिए मंजूरी दे दी है. पुलिस का आरोप है कि आफताब जांच में मदद नहीं कर रहा है. उसे जो पूछा जा रहा है, उसका सही-सही जवाब नहीं दे रहा है.

श्रद्धा वालकर की हत्या के आरोपी आफताब पूनावाला को दिल्ली पुलिस गुरुवार को साकेत कोर्ट में पेश करेगी और रिमांड की मांग करेगी. दिल्ली पुलिस ने श्रद्धा के शव के अबतक 13 टुकड़े बरामद कर लिये हैं. जिसकी जांच करायी जाएगी. इधर साकेत कोर्ट ने आफताब के नार्को टेस्ट की इजाजत दे दी है.

आरोपी आफताब के नार्को टेस्ट को कोर्ट ने दी मंजूरी

श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी आफताब पूनावाला के नार्को टेस्ट की मंजूरी मिल गयी है. दिल्ली के साकेत कोर्ट ने आरोपी के नार्को टेस्ट के लिए मंजूरी दे दी है. पुलिस का आरोप है कि आफताब जांच में मदद नहीं कर रहा है. उसे जो पूछा जा रहा है, उसका सही-सही जवाब नहीं दे रहा है. श्रद्धा के फोन के बारे में भी सही जानकारी आफताब नहीं दे रहा है. पुलिस ने बताया, आरोपी आफताब पूछताछ में गुमराह करने की कोशिश कर रहा है. पूछताछ में सहयोग नहीं करने पर पुलिस ने नार्को टेस्ट की मांग की थी.

पुलिस ने श्रद्धा के शव के 13 टुकड़े बरामद किये, पिता के डीएनए से कराया जाएगा मैच

पुलिस ने विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धा के शव के 13 टुकड़े बरामद किए हैं, जिन्हें डीएनए विश्लेषण के लिए भेजा जाएगा. खबर है कि पुलिस श्रद्धा के पिता से बरामद शव के टुकड़ों का मैच कराया जाएगा. जिससे आफताब के गुनाह पर से पर्दा उठने की उम्मीद की जा रही है. दिल्ली पुलिस पूनावाला को दक्षिण दिल्ली में छतरपुर के जंगलों में ले गयी. यह पता लगाने की कोशिश की गई कि उसने श्रद्धा के शव के टुकड़ों को कहां-कहां फेंका.

डेटिंग ऐप बम्बल से भी संपर्क करेगी पुलिस

श्रद्धा हत्याकांड की जांच के सिलसिले में दिल्ली पुलिस डेटिंग ऐप बम्बल से भी संपर्क करेगी. इसी ऐप के जरिये श्रद्धा और आरोपी आफताब पूनावाला की मुलाकात हुई थी.

क्या है पूरा मामला

मालूम हो आफताब पूनावाला ने इस साल मई में कथित तौर पर श्रद्धा की गला दबाकर हत्या कर दी थी और उसके शव के 35 टुकड़े करके उन्हें दक्षिण दिल्ली के महरौली स्थित अपने घर में करीब तीन सप्ताह तक 300 लीटर क्षमता के फ्रिज में रखा था. इसके बाद उसने श्रद्धा के शव के इन टुकड़ों को कई दिनों तक दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर फेंका. पुलिस के अनुसार महिला श्रद्धा वालकर महाराष्ट्र की रहने वाली थी और यहां आफताब अमीन पूनावाला के साथ रह रही थी.

कॉल सेंटर में काम करती थी श्रद्धा वालकर, मुंबई छोड़ने के लिए आफताब ने बनाया था दबाव

सामाजिक कार्यकर्ता श्रेहा धरगलकर ने दावा किया है कि श्रद्धा को अपने लिव-इन साथी आफताब पूनावाला पर धोखा देने का शक था. श्रद्धा के साथ मुंबई के एक समुद्र तट पर सफाई अभियान में शामिल हो चुकी श्रेहा ने बताया कि श्रद्धा सफाई अभियान के दौरान काफी शांत और गुमसुम रहती थी. एनजीओ चलाने वाली श्रेहा ने कहा कि श्रद्धा के सामने आर्थिक परेशानियां भी थीं और उसकी आफताब से अक्सर लड़ाई होती रहती थी. उन्होंने दावा किया कि श्रद्धा एक छोटा परिवार और एक बच्चा चाहती थी, यह उसका सपना था. उन्होंने बताया कि श्रद्धा नौकरी नहीं छोड़ना चाहती थी. लेकिन पूनावाला ने उस पर ऐसा करने के लिए दबाव बनाया और कहा कि उसे मुंबई और वसई से दूर चले जाना चाहिए, जहां उसका परिवार रहता है. श्रेहा के अनुसार, पूनावाला को डर था कि श्रद्धा के माता-पिता उसके खिलाफ पुलिस में जा सकते हैं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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