Maharashtra Politics: 'कमिश्नर से कॉन्स्टेबल पर डिमोशन', संजय राउत का देवेंद्र फडणवीस पर तंज

संजय राउत ने कहा, महाराष्ट्र की राजनीति में आज सबसे दुखी और असंतुष्ट उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस हैं. राउत ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर हमला करते हुए कहा, जिसको जहां जाना था, चले गये. जहां गये हैं, वहां सुख-शांति से रहिए.

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा शिवसेना (यूबीटी) गुट में असंतोष का दावा करने पर, पार्टी नेता संजय राउत ने फडणवीस पर पलटवार करते हुए राज्य में सबसे असंतुष्ट राजनेता बता दिया.

कमिश्नर से कॉन्स्टेबल पर डिमोशन: फडणवीस पर राउत का तंज

संजय राउत ने कहा, जाओ और देवेंद्र फडणवीस से पूछो कि वह कितने संतुष्ट हैं. उन्होंने कहा, वह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे थे और उन्हें रोक दिया गया और कहा गया कि आप मुख्यमंत्री नहीं, आप डिप्टी सीएम बनेंगे. उन्हें राजनीति में उनके जूनियर का डिप्टी बना दिया गया. ऐसा आदमी संतुष्ट हो सकता है क्या? संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा, एक हवलदार को सिपाही बना दिया गया, एक कमिश्नर को हवलदार बना दिया गया.

महाराष्ट्र की राजनीति में फडणवीस से अधिक कोई असंतुष्ट नहीं : संजय राउत

संजय राउत ने कहा, महाराष्ट्र की राजनीति में आज सबसे दुखी और असंतुष्ट उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस हैं. राउत ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर हमला करते हुए कहा, जिसको जहां जाना था, चले गये. जहां गये हैं, वहां सुख-शांति से रहिए.

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पूरा उद्धव ठाकरे गुट ही असंतुष्ट है : फडणवीस

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से जब संवाददाताओं ने पूछा गया कि उद्धव ठाकरे गुट लगातार दावा कर रहा है कि 9 सांसद और 22 विधायक सरकार से असंतुष्ट हैं. इसपर फडणवीस ने कहा, पूरा उद्धव ठाकरे गुट ही असंतुष्ट है. वहां जितनी असंतुष्टि है उतनी और कहीं नहीं है.

शिवसेना (यूबीटी) का दावा, शिंदे के 22 विधायक, 9 सांसद छोड़ सकते हैं पार्टी

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने मंगलवार को दावा किया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के 22 विधायक और नौ सांसद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सौतेले व्यवहार के कारण घुटन महसूस कर रहे हैं और वे पार्टी छोड़ सकते हैं. शिवसेना सांसद गजानन कीर्तिकर द्वारा उनकी पार्टी के साथ सौतेला व्यवहार किए जाने संबंधी बयान दिए जाने के बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित लेख में शिंदे समूह के विधायकों एवं सांसदों को भाजपा के पिंजरे में कैद मुर्गे- मुर्गियां करार दिया और कहा कि इनके गले पर कब छुरियां चल जाएं, इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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